अंडर-19 विश्व कप में कल होने वाला भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि सेमीफाइनल का टिकट तय करने वाली निर्णायक जंग है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में करोड़ों फैंस की नजरें भारत के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी पर टिकी रहेंगी। अपने छोटे से करियर में कई मजबूत टीमों को बैकफुट पर धकेल चुके वैभव के लिए पाकिस्तान अब तक एक ऐसी चुनौती रहा है, जिसे वे पूरी तरह पार नहीं कर पाए हैं। ऐसे में कल का मुकाबला उनके लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा।
पाकिस्तान के लिए करो या मरो की स्थिति
क्वालिफिकेशन के लिहाज से यह मैच बेहद अहम है। अगर भारतीय टीम जीत दर्ज करती है, तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय हो जाएगा। वहीं, पाकिस्तान के सामने करो या मरो की स्थिति है। उसे न केवल यह मुकाबला जीतना होगा, बल्कि सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए नेट रन-रेट में भी बड़ा सुधार करना पड़ेगा। यही दबाव पाकिस्तानी टीम को आक्रामक और जोखिम भरी रणनीति अपनाने पर मजबूर कर सकता है, जिसका फायदा भारत उठा सकता है।
वैभव बनाम पाकिस्तान: अधूरी कहानी
वैभव सूर्यवंशी के करियर में पाकिस्तान ही एकमात्र ऐसी टीम रही है, जिसके खिलाफ वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं।
-
एशिया कप 2024 में वे सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए थे।
-
एशिया कप 2025 फाइनल में उन्होंने 26 रनों की तेज शुरुआत तो की, लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल सके।
अब अंडर-19 विश्व कप का यह मुकाबला तय करेगा कि क्या वैभव अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर पाकिस्तान के खिलाफ गेम-चेंजर पारी खेल पाएंगे।
भारत के लिए एक्स-फैक्टर साबित हो सकते हैं वैभव
वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनकी आक्रामक बल्लेबाजी है। अगर वे शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बटोरते हैं, तो पाकिस्तान की रणनीति बिखर सकती है। उनकी मौजूदगी से फील्डिंग साइड में लगातार बदलाव करने पड़ते हैं, जिससे गेंदबाजों का दबाव बढ़ता है और विकेट लेने के मौके कम हो जाते हैं। एक अच्छी शुरुआत पाकिस्तान के सेमीफाइनल के सपनों पर शुरुआती झटका साबित हो सकती है।
पाकिस्तान की रणनीति और वैभव की परीक्षा
पाकिस्तानी गेंदबाज वैभव की आक्रामकता का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। योजना साफ है—उन्हें लंबी बाउंड्री की ओर बड़े शॉट खेलने के लिए उकसाना और रन बनाने के विकल्प सीमित करना। ऐसे में वैभव के लिए यह मुकाबला धैर्य की असली परीक्षा होगा।
अगर वे संयम बनाए रखते हैं, खराब गेंदों का इंतजार करते हैं और जल्दबाजी में विकेट नहीं गंवाते, तो पाकिस्तान को पूरे मैच में सिर्फ भारत का पीछा करना पड़ेगा। कुल मिलाकर, भारत-पाकिस्तान का यह अंडर-19 मुकाबला सिर्फ सेमीफाइनल की तस्वीर नहीं बदलेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि क्या वैभव सूर्यवंशी पाकिस्तान के खिलाफ अपने अधूरे अध्याय को एक यादगार पारी में बदल पाएंगे या नहीं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







