37 राज्यसभा सीटों का चुनाव ऐलान, राजस्थान की 3 सीटों पर जून में होगा सियासी महासंग्राम

भारत निर्वाचन आयोग ने देशभर की राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। आयोग के मुताबिक इन सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा। इनमें महाराष्ट्र की 7, पश्चिम बंगाल और बिहार की 5-5, ओडिशा की 4, तमिलनाडु की 6, असम की 3, छत्तीसगढ़ की 2, हरियाणा की 2, तेलंगाना की 2 और हिमाचल प्रदेश की 1 सीट शामिल है।


राजस्थान में जून से शुरू होगा असली मुकाबला

भले ही मार्च में 10 राज्यों में चुनाव होने हैं, लेकिन राजस्थान के लिए सियासी काउंटडाउन शुरू हो गया है। जून 2026 में राज्य से राज्यसभा के तीन सांसदों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

इन तीन सीटों पर जिन नेताओं का कार्यकाल समाप्त होगा उनमें

  • नीरज डांगी (कांग्रेस)

  • राजेंद्र गहलोत (भाजपा)

  • रवनीत सिंह बिट्टू (भाजपा)

शामिल हैं। ये तीनों सीटें सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी हैं।

विधानसभा गणित से भाजपा को बढ़त

राजस्थान विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के हिसाब से भारतीय जनता पार्टी बहुमत में है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी दो सीटें आसानी से जीत सकती है। वहीं कांग्रेस के सामने कम से कम एक सीट बचाने की चुनौती होगी, जिसके लिए उसे निर्दलीयों और छोटे दलों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है।

मार्च में चुनाव क्यों नहीं?

कई लोगों के मन में सवाल है कि जब अन्य राज्यों में मार्च में मतदान हो रहा है तो राजस्थान क्यों नहीं शामिल है। दरअसल राज्यसभा एक स्थायी सदन है और सदस्यों का कार्यकाल अलग-अलग समय पर खत्म होता है। जिन राज्यों में मार्च चुनाव होंगे, वहां सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, जबकि राजस्थान के तीन सांसदों का कार्यकाल जून तक है। इसलिए यहां अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी।

दिल्ली की राजनीति पर भी असर

हाल ही में राजस्थान से सोनिया गांधी और मदन राठौड़ जैसे बड़े नेता राज्यसभा पहुंचे हैं। ऐसे में जून का चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। सियासी रणनीतिकारों के मुताबिक अगर भाजपा तीनों सीटें जीतती है तो केंद्र की राजनीति में उसका पलड़ा और भारी हो सकता है, जबकि कांग्रेस अपने कोटे को बचाने के लिए पूरी ताकत लगाएगी।


निष्कर्ष:
मार्च में भले ही राजस्थान चुनावी सूची में न हो, लेकिन जून 2026 का राज्यसभा चुनाव प्रदेश की राजनीति का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के लिए यह मुकाबला प्रतिष्ठा की जंग बनता दिख रहा है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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