केजरीवाल को शराब नीति केस में क्लीन चिट, मोदी सरकार पर साधा निशाना; 10 सीट जीतने की दी खुली चुनौती

राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली की कथित शराब नीति मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी (AAP) के 23 नेताओं को बरी कर दिया। कोर्ट के इस निर्णय के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

फैसले के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से ईडी और सीबीआई के जरिए आम आदमी पार्टी को बदनाम करने की साजिश रची गई। केजरीवाल ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि मामले में न तो कोई ठोस सबूत था और न ही कोई विश्वसनीय गवाह, जिसके आधार पर मुकदमा आगे बढ़ाया जा सके।

“10 सीटें जीत लें तो राजनीति छोड़ दूंगा”

प्रेसवार्ता के दौरान केजरीवाल ने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि भाजपा एक बार फिर दिल्ली में चुनाव कराकर देख ले। अगर भाजपा दस सीटें भी जीत जाती है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य आम आदमी पार्टी को खत्म करना था, लेकिन पार्टी को तोड़ा नहीं जा सका।

केजरीवाल ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण में उनका परिवार भी मानसिक रूप से परेशान रहा। उन्होंने बताया कि मनीष सिसोदिया की पत्नी मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और इस दौरान परिवार को काफी कष्ट झेलना पड़ा।

जज और वकीलों का जताया आभार

अरविंद केजरीवाल ने फैसला सुनाने वाले जज का आभार जताते हुए कहा कि न्यायपालिका पर उनका भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने उन वकीलों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने इस केस में उनका पक्ष मजबूती से रखा। केजरीवाल ने कहा कि एक समय आम आदमी पार्टी के पांच शीर्ष नेताओं को जेल में डाल दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी अपने सिद्धांतों पर अडिग रही। “आज मेरे मन से एक बड़ा बोझ उतर गया है,” उन्होंने कहा।

भाजपा पर गंभीर आरोप

प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम उनके नेतृत्व में रचा गया और इसके लिए देश से माफी मांगी जानी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सियासी बहस का केंद्र बना रह सकता है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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