Iran, United States और Israel के बीच जारी युद्ध का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। इस संघर्ष के कारण दुनियाभर में गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर India में भी देखने को मिल रहा है, जहां एलपीजी संकट धीरे-धीरे गंभीर होता जा रहा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी के चलते घरेलू सिलेंडरों की मांग तेजी से बढ़ गई है। कई शहरों में गैस की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि सरकार ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई है और कहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
आज गुजरात पहुंचेगा ‘शिवालिक’ जहाज
एलपीजी संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। एलपीजी से लदा Shivalik LPG Carrier जहाज सोमवार, 16 मार्च को गुजरात पहुंचने वाला है। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव Rajesh Kumar Sinha ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह जहाज Strait of Hormuz को पार कर भारत की ओर बढ़ रहा है और गुजरात के Mundra Port पर पहुंचेगा।
कितनी आएगी एलपीजी?
रिपोर्ट्स के अनुसार इस जहाज में करीब 40,000 से 50,000 मीट्रिक टन एलपीजी भारत लाई जा रही है। हालांकि अभी इसकी सटीक मात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि इस जहाज की कुल क्षमता लगभग 54,000 मीट्रिक टन है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हर दिन करीब 55,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी की खपत होती है, ऐसे में यह आपूर्ति सीमित राहत ही दे पाएगी।
कल पहुंचेगा ‘नंदा देवी’ जहाज
सरकार ने एलपीजी सप्लाई बढ़ाने के लिए अतिरिक्त जहाजों की व्यवस्था भी की है। जानकारी के मुताबिक एलपीजी से लदा Nanda Devi LPG Carrier जहाज मंगलवार, 17 मार्च को गुजरात के Kandla Port पर पहुंचेगा। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो भारत समेत कई देशों को गैस आपूर्ति को लेकर आने वाले दिनों में और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







