जयपुर को बड़ी सौगात: जुलाई से सिविल लाइंस आरओबी पर दौड़ेगा ट्रैफिक, जाम से मिलेगी मुक्ति

पिंक सिटी के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर के सबसे प्रतीक्षित प्रोजेक्ट्स में से एक, सिविल लाइंस रेल ओवरब्रिज (ROB), जुलाई की शुरुआत में आम जनता के लिए खुलने की पूरी संभावना है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के अनुसार, निर्माण कार्य जून के अंत तक अंतिम रूप ले लेगा, जिसके बाद उद्घाटन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

जैकब रोड से बजाज मार्ग का सफर होगा आसान

700 मीटर लंबा यह आरओबी जैकब रोड को जमनालाल बजाज मार्ग से सीधे जोड़ेगा। वर्तमान में सिविल लाइंस क्षेत्र में रेलवे फाटक के कारण लगने वाले भीषण जाम से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। इस ब्रिज के शुरू होने से: सिविल लाइंस और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक सुगम होगा। हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा। क्षेत्र में प्रदूषण और ईंधन की खपत में कमी आएगी।

रेलवे से मिली हरी झंडी: 2 दिन में डलेंगे गर्डर

परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम चरण रेलवे ट्रैक के ऊपर गर्डर डालना है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने इसके लिए आवश्यक अनुमति दे दी है। जेडीए इंजीनियरों के अनुसार:  ट्रेनों के संचालन पर इसका असर न्यूनतम होगा।  गर्डर डालने का काम मात्र दो दिन में पूरा किया जाएगा, जिसके लिए प्रतिदिन 3-3 घंटे का ब्लॉक लिया जाएगा।  गर्डर इंस्टॉलेशन के तुरंत बाद फिनिशिंग टच और रोड पेंटिंग का काम शुरू होगा।


5 साल का लंबा इंतजार और सियासी घमासान

जनवरी 2021 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को महज 18 महीनों में पूरा होना था, लेकिन इसे हकीकत बनने में 5 साल से अधिक का समय लग गया। देरी के मुख्य कारण रहे: जमनालाल बजाज मार्ग के कुछ प्रॉपर्टी मालिकों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर करना। निर्माण एजेंसी के साथ हुए विवादों के कारण लंबे समय तक काम बंद रहा।

राजनीतिक गरमाहट: हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ‘इंतज़ार शास्त्र’ कैंपेन के जरिए सरकार को घेरा था। उन्होंने ‘X’ पर तंज कसते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री आवास के पास विकास की यह सुस्त गति चिंताजनक है और इसे ‘एक्सीडेंट ज़ोन’ करार दिया था। अब जेडीए की सक्रियता को इसी राजनीतिक दबाव और जनता की सुविधा से जोड़कर देखा जा रहा है।


एक और खुशखबरी: सरिस्का एलिवेटेड रोड

जयपुर-अलवर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरिस्का एलिवेटेड रोड का नया रूट भी फाइनल हो गया है। 40 किमी लंबी यह सड़क जयपुर से अलवर की दूरी को करीब 45 मिनट कम कर देगी, जिससे पर्यटन और व्यापार को नई मजबूती मिलेगी।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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