तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते को लेकर चल रही बातचीत के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी सेना ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने अली अल सलेम एयरबेस को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इस हमले में पांच अमेरिकी सैनिकों के घायल होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक घायल सैनिकों की हालत गंभीर नहीं है, लेकिन इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। अभी तक अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
MQ-9 रीपर ड्रोन को भी नुकसान पहुंचने की खबर
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमले के दौरान एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन को भी नुकसान पहुंचा है। यह ड्रोन अमेरिकी सेना के सबसे उन्नत कॉम्बैट और निगरानी ड्रोन में गिना जाता है। MQ-9 रीपर करीब 27 घंटे तक लगातार उड़ान भरने में सक्षम है और 50,000 फीट तक की ऊंचाई पर ऑपरेट कर सकता है। इसमें हेलफायर मिसाइलों, लेजर-गाइडेड बमों और आधुनिक निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी एक यूनिट की कीमत लगभग 30 से 34 मिलियन डॉलर बताई जाती है।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद अभी तक किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। ऐसे समय में इस कथित मिसाइल हमले ने दोनों देशों के संबंधों में एक बार फिर तनाव बढ़ाने का काम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका इस घटना के जवाब में कोई सैन्य या कूटनीतिक कार्रवाई करता है तो क्षेत्र में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही वार्ताओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्यों अहम है अली अल सलेम एयरबेस?
कुवैत में स्थित अली अल सलेम एयरबेस अमेरिकी सेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं और यह मध्य-पूर्व में अमेरिका के प्रमुख सैन्य ठिकानों में शामिल है। पिछले वर्षों में क्षेत्रीय अभियानों और सैन्य गतिविधियों के दौरान इस एयरबेस का व्यापक उपयोग किया गया है। यही वजह है कि इसे संभावित सुरक्षा खतरों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल हमले, सैनिकों के घायल होने और ड्रोन को नुकसान पहुंचने संबंधी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सुरक्षा एजेंसियां और संबंधित देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान की ओर से आने वाली आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








