पश्चिम बंगाल बम विस्फोट मामले में TMC नेता शौकत मोल्ला के घर NIA का छापा, 79 देसी बम बरामदगी केस की भी जांच तेज

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक शौकत मोल्ला के आवास पर छापा मारकर उनसे पूछताछ की। यह कार्रवाई विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुए एक बम विस्फोट मामले की जांच के सिलसिले में की गई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार, बम विस्फोट मामले की निष्पक्ष जांच की मांग के बाद यह केस NIA को सौंपा गया था। जांच अपने हाथ में लेने के बाद केंद्रीय एजेंसी कई संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार किए गए लोगों में TMC नेता वहीदुल इस्लाम का नाम भी शामिल है।

सुबह-सुबह पहुंची NIA की टीम

गुरुवार सुबह NIA की विशेष टीम शौकत मोल्ला के आवास पर पहुंची और मामले से जुड़े संभावित संबंधों की जांच के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं। इस दौरान मोल्ला की पत्नी और बेटी को भी घर के अंदर जाते हुए देखा गया। हालांकि मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर उनकी बेटी ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

79 देसी बम बरामदगी मामले की भी जांच कर रही NIA

इसी बीच NIA ने 27 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में देसी बमों की बरामदगी के मामले की जांच भी अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर इस मामले में नई एफआईआर दर्ज की है। NIA के मुताबिक, यह मामला कोलकाता पुलिस द्वारा बरामद किए गए 79 देसी बमों और अन्य आपत्तिजनक सामग्रियों से जुड़ा है। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में आतंकवादी गतिविधियों या संगठित नेटवर्क की भूमिका हो सकती है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।

कब और कहां से बरामद हुए थे बम?

यह मामला 25 अप्रैल 2026 को उत्तर काशीपुर थाना, भांगर डिवीजन में FIR संख्या 62/2026 के तहत दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की विभिन्न धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दक्षिण 24 परगना जिले के मझेरहाट स्थित पोइलपाड़ा इलाके में कब्रिस्तान के पास एक परित्यक्त मकान में बड़ी मात्रा में देसी बम और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने जूट की रस्सियों से बंधे 79 गोलाकार संदिग्ध देसी बमों के साथ अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया था।

नेटवर्क और मकसद की तलाश में जांच एजेंसी

फिलहाल NIA पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद विस्फोटकों के पीछे किस नेटवर्क का हाथ था, इन्हें किस उद्देश्य से तैयार किया गया था और क्या इनका इस्तेमाल किसी बड़ी साजिश के तहत किया जाना था। पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले हुई इस कार्रवाई को राजनीतिक और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment