राजधानी जयपुर में सोमवार को श्री राजपूत करणी सेना के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग, लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर राज्य की राजनीति गर्मा गई है। प्रदर्शन में शामिल करणी सेना कार्यकर्ता देवराज सिंह की मौत के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं धर्मेंद्र सिंह राठौड़ और भंवर जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की दमनकारी नीति, कार्यशैली और जनविरोधी सोच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
“समाजों को आपस में लड़ाने की राजनीति कर रही BJP”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर शांतिपूर्ण रैली निकाल रहे श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं और आम जनता पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वॉटर कैनन चलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि: महिलाओं और बुजुर्गों पर बल प्रयोग: प्रदर्शन के दौरान माताओं, बहनों और बुजुर्गों तक पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जिसे किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। विभाजनकारी राजनीति: भाजपा सरकार राजस्थान में हर वर्ग की विरोधी बनकर काम कर रही है और विभिन्न समाजों को आपस में लड़ाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने देशवासियों और प्रदेश की जनता से अपील की कि वे सरकार की इस दमनकारी नीति के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं।
धर्मेंद्र सिंह राठौड़ बोले: “संवाद की जगह दमन अपना रही सरकार”
राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। संवैधानिक अधिकारों का हनन: उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। लेकिन सरकार संवाद स्थापित करने के बजाय महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों पर लाठियां बरसा रही है। अहंकार छोड़ने की सलाह: राठौड़ ने कहा कि दमन की नीति किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देती। सरकार को अपना अहंकार त्याग कर समाज के प्रतिनिधियों से सम्मानपूर्वक बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए।
महिपाल सिंह मकराना ने मांगी ₹1 करोड़ का मुआवजा व नौकरी
जयपुर में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बीच शामिल कार्यकर्ता देवराज सिंह की मौत हो जाने से मामला और अधिक तूल पकड़ चुका है। श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बरता और अचानक किए गए बल प्रयोग के कारण देवराज सिंह की स्थिति बिगड़ी, जिससे उनकी जान चली गई। महिपाल सिंह मकराना ने प्रशासन और सरकार के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं: मृतक देवराज सिंह के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का आदेश देने वाले दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







