राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर कोटा पहुंचे। इस दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में दोनों नेताओं ने राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ओबीसी मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।
‘सरकार नहीं, सर्कस चल रहा है’
पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार और उसके मंत्रियों पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार नहीं बल्कि सर्कस चल रहा है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री विभागों में काम होने की बातें करते हैं, लेकिन जब काम नहीं होता तो अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रियों की बात सुनने वाला कोई नहीं है और सरकार के भीतर समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है।
NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार को घेरा
डोटासरा ने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से लगातार NEET परीक्षा में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में जब पेपर लीक के आरोप लगे थे, तब सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद 2025 और 2026 में भी इसी तरह के विवाद सामने आए। डोटासरा ने आरोप लगाया कि पेपर लीक माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है और इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
जातिगत जनगणना पर कांग्रेस का दावा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग को लेकर अभियान चला रही थी, जिसके बाद केंद्र सरकार को इस दिशा में कदम उठाने पड़े।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार यह बात कहते रहे हैं कि जिसकी जितनी भागीदारी है, उसे उतनी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस हमेशा सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की पक्षधर रही है।
प्रसूताओं की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार: टीकाराम जूली
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट 15 दिन बाद सामने आई और यदि दवाएं अमानक थीं तो यह बेहद गंभीर मामला है। जूली ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर उचित कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कोटा में एक प्रिंसिपल की नाले में गिरकर हुई मौत और सीबीएसई कॉपी जांच से जुड़े कथित घोटाले को भी सरकार की विफलता बताया।
कांग्रेस की गुटबाजी भी आई सामने
कोटा में आयोजित कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के शपथ ग्रहण समारोह और अधिवेशन के दौरान पार्टी की आंतरिक गुटबाजी भी चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम में हाड़ौती क्षेत्र के कई कांग्रेस विधायक और जिला पदाधिकारी नजर नहीं आए। हालांकि बूंदी जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यक्रम में भाग लिया, लेकिन कोटा के दोनों जिला अध्यक्षों और कई वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। इस संबंध में पूछे गए सवाल पर डोटासरा ने स्वीकार किया कि कोटा कांग्रेस में गुटबाजी की स्थिति है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व सभी नेताओं को साथ लेकर इस समस्या को दूर करने का प्रयास करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







