घरेलू गैस सिलेंडर हुआ महंगा, 29 रुपये बढ़े दाम; कांग्रेस ने घेरा, बीजेपी ने किया बचाव

आम लोगों को रविवार को महंगाई का एक और झटका लगा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें 7 जून से लागू हो गई हैं। कीमतों में वृद्धि के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गया है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इस वृद्धि को लेकर विपक्ष की आलोचना का जवाब दिया है।

तीन महीने में दूसरी बार बढ़े दाम

गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों के भीतर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर के दामों में 60 रुपये का इजाफा किया गया था। लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं में भी चिंता देखी जा रही है, क्योंकि रसोई गैस घरेलू बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

कांग्रेस ने कहा- “वसूली सरकार”

कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार को घेरते हुए एक पोस्ट साझा किया। पार्टी ने दो गैस सिलेंडरों की तस्वीर पोस्ट करते हुए बढ़ी हुई कीमतों का जिक्र किया और कैप्शन में “वसूली सरकार” लिखा। कांग्रेस का आरोप है कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और सरकार राहत देने में विफल रही है।

बीजेपी नेता अमित मालवीय का पलटवार

विपक्ष के हमलों के बाद बीजेपी नेता Amit Malviya ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की तुलना पड़ोसी और विकसित देशों से करते हुए कहा कि विपक्ष हर बार मामूली मूल्य वृद्धि पर हंगामा खड़ा करता है, लेकिन पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। उन्होंने दावा किया कि भारत में आज भी रसोई गैस कई देशों की तुलना में सस्ती उपलब्ध है। अपने पोस्ट में उन्होंने पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश समेत कई देशों में एलपीजी की कीमतों का उल्लेख किया। अमित मालवीय ने अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे विकसित देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एलपीजी की कीमतें भारत की तुलना में काफी अधिक हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

एलपीजी कीमतों को लेकर सोशल media पर भी तीखी बहस देखने को मिली। कई यूजर्स ने बीजेपी नेता के तर्कों पर सवाल उठाए और कहा कि केवल कीमतों की तुलना करना पर्याप्त नहीं है। कुछ लोगों ने तर्क दिया कि एलपीजी कीमतों की तुलना करते समय विभिन्न देशों की प्रति व्यक्ति आय, कर व्यवस्था और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। वहीं कुछ अन्य यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि जब पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में वृद्धि होती थी, तब वर्तमान सत्तारूढ़ दल भी इसी प्रकार विरोध प्रदर्शन करता था।

महंगाई पर बढ़ सकती है राजनीतिक गर्मी

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब महंगाई का मुद्दा पहले से ही राजनीतिक बहस के केंद्र में है। आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को और जोर-शोर से उठा सकता है, जबकि सरकार अपनी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों का हवाला देकर फैसले का बचाव कर सकती है। फिलहाल, नई कीमतें लागू हो चुकी हैं और उपभोक्ताओं को अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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