महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, SIT जांच पर टिकीं निगाहें

अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अभी इस्तीफे पर अंतिम निर्णय की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। इस बीच मामले की जांच तेज हो गई है और पुलिस ने गुरुवार देर रात आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूरे घटनाक्रम ने धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों का इस्तीफा

ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य नृपेंद्र मिश्रा ने पुष्टि की कि उन्हें चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी मिली है। दोनों के इस्तीफे ऐसे समय सामने आए हैं, जब चढ़ावे की कथित हेराफेरी की जांच जारी है। हालांकि अब तक दर्ज एफआईआर में ट्रस्ट के इन वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं।

आठ आरोपी गिरफ्तार, रिमांड की तैयारी

मामले में गुरुवार देर रात पुलिस ने चंपत राय के करीबी बताए जा रहे रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस आज सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा सके।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब अयोध्या के पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि में करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी हुई है। आरोपों के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ही इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई।

एफआईआर में किनके नाम?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल एफआईआर में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

एफआईआर दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे और अब राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उछाल रहे हैं। देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी प्रकार की अनियमितता के प्रति “जीरो टॉलरेंस” अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

जांच के नतीजों पर टिकी नजर

चढ़ावा विवाद में एफआईआर दर्ज होने, गिरफ्तारियों और ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब सभी की निगाहें एसआईटी जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित वित्तीय अनियमितताओं में किसकी भूमिका रही और आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है। फिलहाल जांच एजेंसियां वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल, आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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