अजमेर जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या, साथी कैदी पर आरोप; जांच में जुटी पुलिस

अजमेर: राजस्थान की अजमेर सेंट्रल जेल में सोमवार को कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जेल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की समीक्षा की। सुरक्षा के मद्देनजर जेल परिसर की निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि एफएसएल और सीएफएसएल की टीमों को साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर बुलाया गया।

साथी कैदी विष्णु गुर्जर पर हत्या का आरोप

एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि कुलदीप जगीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु गुर्जर पर जगन गुर्जर की हत्या करने का आरोप है। दोनों एक ही सेल में बंद थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और अन्य संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

चंबल के बीहड़ों का कुख्यात नाम था जगन 

धौलपुर जिले के बसई डांग गांव निवासी जगन गुर्जर कभी चंबल के बीहड़ों का सबसे खौफनाक नाम माना जाता था। बताया जाता है कि वर्ष 1994 में अपने जीजा की हत्या देखने के बाद उसका कानून से भरोसा उठ गया और उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर गैंग बना ली। इसके बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में उसने लंबे समय तक आतंक का साम्राज्य कायम रखा।

जगन गुर्जर के खिलाफ रंगदारी, हत्या, फायरिंग, आर्म्स एक्ट समेत 123 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। उसके सिर पर 11 लाख रुपये तक का इनाम भी घोषित किया गया था।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को दी थी धमकी

वर्ष 2008 में गुर्जर आंदोलन के दौरान जगन गुर्जर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित महल को बम से उड़ाने की धमकी देकर सनसनी फैला दी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ व्यापक अभियान चलाया और इनामी घोषित किया।

सचिन पायलट के सामने किया था आत्मसमर्पण

पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच जगन गुर्जर ने 31 जनवरी 2009 को कैमरी गांव में तत्कालीन कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया था। हालांकि वर्ष 2022 में बाड़ी से कांग्रेस विधायक गिर्राज मलिंगा को कथित धमकी देने के मामले में वह फिर चर्चा में आया। इसके बाद पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया और 7 फरवरी 2022 को उसने करौली पुलिस के समक्ष दोबारा आत्मसमर्पण कर दिया था। तब से वह अजमेर जेल में बंद था।

पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के भीतर हत्या की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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