कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, सचिन पायलट, दिव्या मदेरणा और हरीश चौधरी को मिल सकती है नई जिम्मेदारी

जयपुर: कांग्रेस संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी आलाकमान संगठन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय महासचिवों, सचिवों और राज्यों के प्रभारियों के कामकाज की समीक्षा कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस समीक्षा के बाद कई नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है। राजस्थान के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम भी इस प्रक्रिया में चर्चा में हैं।

तैयार हुई परफॉर्मेंस रिपोर्ट

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के बीच राष्ट्रीय संगठन को लेकर कई दौर की चर्चा हो चुकी है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय पदाधिकारियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और इसी आधार पर संगठनात्मक फेरबदल का फैसला लिया जाएगा।

राजस्थान के 9 नेताओं पर टिकी नजर

एआईसीसी में फिलहाल राजस्थान के नौ नेता विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इनमें भंवर जितेंद्र सिंह, सचिन पायलट, हरीश चौधरी, रेहाना रियाज, दानिश अबरार, संजना जाटव, धीरज गुर्जर, दिव्या मदेरणा और विजय जांगिड़ शामिल हैं। इनमें सचिन पायलट और भंवर जितेंद्र सिंह राष्ट्रीय महासचिव हैं, जबकि हरीश चौधरी मध्य प्रदेश के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब इन नेताओं की भूमिका और भविष्य संगठन की समीक्षा रिपोर्ट पर निर्भर माना जा रहा है।

भवर जितेंद्र सिंह का इस्तीफा अब भी लंबित

पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने असम विधानसभा चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में आगामी संगठनात्मक बदलाव के दौरान उनकी भूमिका को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है।

क्या सचिन पायलट बनेंगे राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष?

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो राजस्थान में नए प्रभारी की नियुक्ति तय मानी जा रही है।

वहीं, सचिन पायलट को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें भी लगातार लगाई जा रही हैं। यदि पायलट को प्रदेश संगठन की कमान मिलती है तो एआईसीसी में उनकी मौजूदा जिम्मेदारी किसी अन्य नेता को सौंपी जा सकती है। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

विधानसभा चुनावों से पहले अहम माने जा रहे बदलाव

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस संगठन में व्यापक फेरबदल कर सकती है। जिन राज्यों में संगठन का प्रदर्शन कमजोर रहा है, वहां प्रभारियों की जिम्मेदारी बदली जा सकती है, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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