नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी दिल्ली में भारी हंगामा देखने को मिला। नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों ने संसद भवन की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया, जिसमें कई युवा घायल हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संसद भवन के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए और आसपास सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई है। इस बीच, सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर अपना अनशन समाप्त कर दिया है।
संसद के बाहर छावनी जैसा माहौल, सुरक्षा बल तैनात जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल के साथ क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। संसद के मेन गेट पर वाटर कैनन की गाड़ियां तैनात की गई हैं। पुलिस द्वारा दागे गए आंसू गैस के गोलों और लाठीचार्ज के बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखे। सुरक्षा कारणों से आसपास के पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
सदन के भीतर भी हंगामा, मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार को घेरा संसद के बाहर चल रहे इस प्रदर्शन का असर मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर भी देखने को मिला। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नीट मामले को पुरजोर तरीके से उठाया। खड़गे ने कहा, “यह सिर्फ एक राजनीतिक विषय नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। जंतर-मंतर पर हजारों बच्चे आए हैं और सरकार उन्हें दबाने के लिए लाठीचार्ज करवा रही है। छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए।”
योगेंद्र यादव का हमला- ‘दमन नहीं संवाद का रास्ता चुने सरकार’ दूसरी ओर, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि संसद के सामने युवाओं पर आंसू गैस छोड़ना और लाठी चलाना तुरंत बंद होना चाहिए। सरकार को दमनकारी रवैया छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए और अयोग्य शिक्षा मंत्री को हटाकर देश के युवाओं की जायज मांगें सुननी चाहिए।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








