धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वायरल हुआ राजनाथ सिंह का 2015 का बयान: सोशल मीडिया पर बोले यूजर- ‘NDA सरकार में भी होते हैं त्यागपत्र’

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार (25 जुलाई) को इस्तीफा देने के बाद देश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इस बड़े घटनाक्रम के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर वर्तमान रक्षा मंत्री और तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह का वर्ष 2015 का एक पुराना बयान तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए विपक्षी दल और यूजर्स मोदी सरकार पर तंज कस रहे हैं।

वायरल वीडियो में क्या बोले थे राजनाथ सिंह?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो 24 जून 2015 की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का है। उस समय तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह से जब संवाददाताओं ने एक विवाद के सिलसिले में मंत्री के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा था, तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया था: “मंत्रियों के त्यागपत्र नहीं होते हैं भैया, ये UPA सरकार नहीं है, NDA सरकार है।” प्रधान द्वारा शिक्षा मंत्री पद से त्यागपत्र दिए जाने के बाद इस पुराने बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बहस तेज हो गई है। यूजर्स और विपक्षी नेता इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं।

NEET विवाद और चौतरफा दबाव के बीच लिया फैसला

गौरतलब है कि देश भर में NEET-UG परीक्षा में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का उग्र प्रदर्शन जारी था।जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों के डटने के साथ-साथ प्रसिद्ध पर्यावरणविद् व एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। सोनम वांगचुक ने शुक्रवार (24 जुलाई) को अपना अनशन समाप्त किया था, जिसके तुरंत बाद से ही सरकार के भीतर बड़े प्रशासनिक व राजनीतिक फेरबदल की अटकलें शुरू हो गई थीं।

सरकार ने NTA कर्मियों पर भी की थी कार्रवाई

बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार रात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। सरकार का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।

मोदी सरकार में पहले भी हुए हैं इस्तीफे

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ऐसा पहली बार नहीं है जब एनडीए (NDA) सरकार के दौरान किसी केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा दिया हो। इससे पहले 17 अक्टूबर 2018 को तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर ने ‘Me Too’ अभियान के तहत लगे आरोपों के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया था।अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने के बाद राजनाथ सिंह का 11 साल पुराना बयान एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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