SIR विवाद पर स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर हमला, चुनाव आयोग के समर्थन में उठाए सवाल

नई दिल्ली: देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कांग्रेस पर चुनावी हार का आत्ममंथन करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण संस्था है और इसकी गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।

चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना

स्मृति ईरानी ने कहा कि एक भारतीय नागरिक के तौर पर उनका मानना है कि चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को दुनिया के कई देशों में सम्मान की नजर से देखा जाता है। ऐसे में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जनता का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है। इसी वजह से पार्टी अपनी हार का आत्ममंथन करने के बजाय चुनाव आयोग को निशाना बना रही है।

लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का जिक्र कर कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्मृति ईरानी ने लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का हवाला दिया जाना उनके लिए हैरान करने वाला है। उन्होंने कांग्रेस को उसके इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि यदि पार्टी इतिहास के पन्ने पलटना चाहती है तो उसे अपनी स्थापना से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को भी देश के सामने रखना चाहिए। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक निशाना साधा।

हिमाचल, पंजाब, केरल और कर्नाटक को लेकर कांग्रेस से सवाल

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेतृत्व से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि इन राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं है, ऐसे में क्या कांग्रेस चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से संतुष्ट है या वहां भी आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं? उन्होंने कांग्रेस से यह स्पष्ट करने को कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर पार्टी का रुख सभी राज्यों में एक जैसा है या नहीं बीजेपी नेता ने मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम और मृत व्यक्तियों के नाम दर्ज होने के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची में दो बार दर्ज है या किसी मृत व्यक्ति का नाम अभी भी मतदाता सूची में मौजूद है, तो ऐसे नामों को हटाने की प्रक्रिया पर कांग्रेस आपत्ति क्यों जता रही है? स्मृति ईरानी ने कहा कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।

13.30 करोड़ नामों के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की ओर से करीब 13 करोड़ 30 लाख नामों का मुद्दा उठाए जाने पर भी सवाल किए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस मामले में 26 तारीख को ही अपना बयान जारी कर चुका है। ईरानी के मुताबिक, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज जुटाएंगे और मतदाताओं से संबंधित विवरण का सत्यापन करेंगे। ऐसे में कांग्रेस द्वारा बार-बार मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों का मुद्दा उठाने पर उन्होंने सवाल खड़े किए।

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय आत्ममंथन करे कांग्रेस

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों पर आत्ममंथन करने के बजाय चुनाव आयोग को निशाना बनाना उचित नहीं है। बीजेपी नेता ने कांग्रेस से अपने रुख पर विचार करने और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की अपील की। SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच स्मृति ईरानी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चल रही बहस को फिर से चर्चा में ले आई है।


 

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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