उदयपुर के सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में हुए बहुचर्चित बुजुर्ग दंपती हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। लूट की नीयत से अंजाम दी गई इस खौफनाक वारदात का मुख्य सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि मृतक दंपती का अपना पड़ोसी ही निकला। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी को डिटेन किया गया है। वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन भी बरामद कर लिया गया है।
कर्ज चुकाने के लिए डेढ़ साल से रच रहा था साजिश जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के अनुसार, पुनावली निवासी लहरीलाल पालीवाल और उनकी पत्नी राधाबाई घर में अकेले रहते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि उनका पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल बैंक और स्थानीय लोगों से भारी कर्ज ले चुका था। आर्थिक तंगी से बाहर निकलने और पैसे जुटाने के लिए उसने करीब डेढ़ साल पहले अपने पड़ोसी दंपती को निशाना बनाने की योजना बनाई, क्योंकि उसे पता था कि दंपती के पास नकदी और जेवर हैं।
रेकी और चालाकी से घर में प्रवेश आरोपियों ने 9 अगस्त को दंपती के घर की रेकी की थी। इसके बाद 10 अगस्त को आरोपी कुशल अपने एक साथी के साथ लहरीलाल के घर गया, जहां राधाबाई ने उन्हें खाना भी खिलाया। इसी दौरान कुशल ने घर से एक हथौड़ी चुरा ली। 11 अगस्त की रात आरोपी जन्मपत्री दिखाने के बहाने घर में दाखिल हुए और राधाबाई का ध्यान भटकाकर मुख्य साजिशकर्ता कुशल को घर के अंदर बाथरूम में छिपा दिया।
रात के अंधेरे में हत्या और लूटपाट देर रात कुशल ने दरवाजा खोलकर अपने अन्य साथियों को अंदर बुलाया। आरोपियों ने पहली मंजिल पर सो रहे लहरीलाल के सिर पर हथौड़ी से वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद नीचे के कमरे में सो रही राधाबाई का गला दबाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में लपेटा और घर में रखी बिस्तर पेटी (संदूक) में बंद कर दिया। फिर अलमारी की चाबियों से जेवर और नकदी लूट ली। मामला गुमराह करने के लिए आरोपियों ने मृतकों के मोबाइल फोन चालू हालत में हाईवे पर फेंक दिए ताकि ऐसा लगे कि दंपती अपनी मर्जी से कहीं चले गए हैं।
संदिग्ध कार और टोल प्लाजा के फुटेज से मिला सुराग घटना का खुलासा तब हुआ जब 14 अगस्त को बदबू आने पर संदूक से शव बरामद हुए। पुलिस ने मृतकों के कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में एक संदिग्ध कार 9 से 12 अगस्त के बीच कई बार इलाके और खेरवाड़ा टोल प्लाजा पर देखी गई। इसी कार के सुराग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुँचने में कामयाब रही।
गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने पुनावली निवासी मुख्य आरोपी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26), चंदन यादव (27, निवासी बिहार), दिलीप चौधरी (30, निवासी सूरत), किशन पालीवाल (21) और जीवन पालीवाल (21) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई कर रही है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







