नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। रासुवा और आसपास के इलाकों में आई अचानक बाढ़ से अब तक 55 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत सरकार से नेपाल के साथ मिलकर लापता भारतीयों की तलाश करने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।
रासुवा और नुवाकोट सबसे ज्यादा प्रभावित
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से रासुवा और नुवाकोट जिलों के नदी किनारे बसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ के पानी ने कई बस्तियों, सड़कों और पुलों को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत और बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, रासुवा में 384 यात्रियों के संपर्क में नहीं होने की जानकारी है। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक बताए गए हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय शामिल हैं। इसके अलावा 37 एनआरआई के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
राहुल गांधी ने भारत सरकार से की अपील
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर चिंता जताते हुए सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारत सरकार से तत्काल मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि अचानक आई भयानक बाढ़ में भारतीय तीर्थयात्रियों समेत सैकड़ों लोग लापता हो गए हैं। राहुल गांधी ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर लापता भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए।
नेपाल में 55 लोगों की मौत, सैकड़ों लापता
बाढ़ के कारण नेपाल में अब तक 55 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। खराब मौसम और कई स्थानों पर संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण राहत एवं बचाव अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं। कई इलाकों में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। जलविद्युत परियोजनाओं समेत अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
नेपाल दूतावास ने जारी किया बयान
भारत स्थित नेपाल दूतावास ने भी फ्लैश फ्लड को लेकर बयान जारी किया है। दूतावास के अनुसार, प्राकृतिक आपदा से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। कई लोगों के लापता होने की खबर है, जबकि घरों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों, आपदा प्रबंधन अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का काम जारी है।
भारत ने नेपाल को मदद का भरोसा दिया
नेपाल में बाढ़ की स्थिति पर भारत सरकार भी नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत कर बाढ़ में हुई जनहानि पर संवेदना जताई और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता का भरोसा दिया। भारत की ओर से राहत और बचाव अभियान में नेपाल के साथ मिलकर काम करने की बात कही गई है। वहीं, नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सहायता और उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए भारतीय दूतावास की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







