जयपुर। जयपुर के बीचों-बीच स्थित नारायण सिंह सर्कल पर राजस्थान रोडवेज के टिकट काउंटर और बसों का स्टॉपेज बंद करने के फैसले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस फैसले से आम लोगों को हो रही परेशानी और रोडवेज के रुख को लेकर परिवहन सचिव से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।
न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह और न्यायाधीश संदीप तनेजा की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान परिवहन विभाग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। मामले में न्यायमित्र विमल चौधरी ने 26 मार्च 2025 की अधिसूचना और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जयपुर-प्रथम की ओर से रोडवेज के प्रबंध निदेशक को 24 जनवरी 2025 को भेजे गए पत्र को अदालत के सामने रखा।
शहर के प्रमुख स्थानों के बीच था बस स्टॉप
न्यायमित्र ने कोर्ट को बताया कि नारायण सिंह सर्कल शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों के बीच स्थित है। इसके आसपास राजस्थान हाईकोर्ट, सवाई मानसिंह अस्पताल, जयपुर परकोटा, प्रमुख शिक्षण संस्थान और एसएमएस स्टेडियम जैसे प्रमुख स्थान हैं। ऐसे में यहां से रोडवेज बसों का स्टॉपेज और टिकट विंडो हटाए जाने के बाद आम यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को बस पकड़ने के लिए दूसरे स्थानों तक जाना पड़ रहा है, जिससे समय और अतिरिक्त परिवहन खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
रोडवेज को भी वित्तीय नुकसान का दावा
न्यायमित्र की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार और आरटीओ के फैसले से रोडवेज निगम को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने 23 मार्च 2025 को हुई बैठक में बोर्डिंग स्टेशन और टिकट विंडो को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का सुझाव भी दिया। अब हाईकोर्ट ने परिवहन सचिव से रोडवेज के मौजूदा रुख और पूरे मामले की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई में इस रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई होगी।
पिछले साल से बंद है नारायण सिंह सर्कल से बस संचालन
नारायण सिंह सर्कल बस स्टैंड से बसों का संचालन पिछले साल 1 अप्रैल से बंद किया गया था। इसके बाद आगरा और दिल्ली की ओर जाने वाली रोडवेज बसों का संचालन दूसरे स्थानों से शुरू किया गया। वर्तमान में आगरा रूट की बसें ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रोटरी सर्कल के पास से, जबकि दिल्ली की ओर जाने वाली बसों का संचालन बजरी मंडी क्षेत्र से किया जा रहा है। अब हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद यात्रियों की नजर इस बात पर है कि नारायण सिंह सर्कल पर रोडवेज स्टॉपेज और टिकट विंडो को लेकर सरकार क्या रुख अपनाती है।
डंपिंग यार्ड मामले में निगम उपायुक्त भी तलब
सुनवाई के दौरान न्यायमित्र ने मोती डूंगरी और म्यूजियम रोड स्थित डंपिंग यार्ड का मुद्दा भी उठाया। बताया गया कि यहां मृत मवेशियों और पशुओं के अवशेष डंप किए जा रहे हैं। इस मामले में कोर्ट ने जयपुर नगर निगम के संबंधित उपायुक्त को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि म्यूजियम के पास डंपिंग यार्ड क्यों संचालित किया जा रहा है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







