जयपुर: जयपुर नगर निगम के महापौर चुनाव को लेकर चल रही लंबी राजनीतिक हलचल के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार वार्ड नंबर 112 से नवनिर्वाचित पार्षद सुनील कोठारी को अपना मेयर प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पार्टी की ओर से नाम पर सहमति बनने के बाद कोठारी ने शनिवार को नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर महापौर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन से पहले सुनील कोठारी भाजपा मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पर्चा दाखिल किया।
आखिरी समय में दाखिल किया नामांकन
जयपुर मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने की शनिवार को अंतिम तारीख थी। सुनील कोठारी ने नामांकन प्रक्रिया के अंतिम घंटों में करीब ढाई बजे अपना पर्चा दाखिल किया, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा दोपहर 3 बजे थी। इस दौरान उनके साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें जयपुर सांसद मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ, विधायक बालमुकुंद आचार्य, वरिष्ठ नेता शैलेन्द्र भार्गव, जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल और पूर्व मेयर अशोक लाहोटी समेत कई नेता शामिल रहे। भाजपा की ओर से सुनील कोठारी के नाम की आधिकारिक घोषणा प्रदेश महामंत्री श्रवण बगड़ी ने की।
वार्ड 112 से 905 वोटों से जीते थे कोठारी
हाल ही में हुए जयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा ने निवर्तमान मेयर कुसुम यादव का टिकट काटकर वार्ड नंबर 112 से सुनील कोठारी को चुनाव मैदान में उतारा था। कोठारी ने अपने निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी आशीष शर्मा को 905 वोटों के अंतर से हराया था। इस जीत के बाद से ही कोठारी का नाम मेयर पद के संभावित दावेदारों में प्रमुखता से लिया जा रहा था।
करीब 30 साल से भाजपा संगठन से जुड़े हैं
सुनील कोठारी लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। उन्हें जयपुर और राजस्थान भाजपा संगठन में करीब तीन दशक का अनुभव बताया जाता है। वे संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और जयपुर शहर भाजपा से भी जुड़े रहे हैं। मेयर पद के लिए उनके चयन को लेकर पार्टी संगठन के भीतर कई दौर की चर्चा हुई। इससे पहले सुनील कोठारी के अलावा पुनीत कर्णावट, शैलेन्द्र भार्गव, विमल अग्रवाल और अन्य नाम भी चर्चा में थे।
करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं सुनील कोठारी
राजनीतिक गतिविधियों के अलावा सुनील कोठारी कारोबार से भी जुड़े हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके पास करीब 35.87 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति बताई गई है। वे जेम्स और ज्वेलरी कारोबार से जुड़े कारोबारी हैं। उनकी संपत्ति और व्यावसायिक गतिविधियों के चलते उन्हें जयपुर नगर निगम चुनाव में निर्वाचित पार्षदों में प्रमुख कारोबारी चेहरों में भी गिना गया।
25 सितंबर को होगा मेयर का चुनाव
सुनील कोठारी ने मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है, लेकिन महापौर के पद पर अंतिम फैसला मतदान के बाद होगा। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 22 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख है। इसके बाद 25 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक महापौर पद के लिए मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा। जयपुर नगर निगम में भाजपा के 78 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 57 पार्षद हैं। ऐसे में अब सभी की नजर 25 सितंबर को होने वाले महापौर चुनाव पर है।
कांग्रेस भी उतारेगी अपना प्रत्याशी
भाजपा की ओर से सुनील कोठारी के नामांकन के बाद अब कांग्रेस की रणनीति पर भी नजर है। कांग्रेस ने भी मेयर पद के लिए अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी की है। पार्टी की ओर से भाजपा के कुछ पार्षदों के संपर्क में होने का दावा भी किया गया है। ऐसे में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जयपुर मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। अब मुकाबले में कौन-कौन से प्रत्याशी मैदान में रहते हैं और 25 सितंबर को मतदान में पार्षदों का रुख क्या रहता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







