राजस्थान में Spam Calls से मिलेगी राहत, 5 नंबर फ्लैग होने पर कार्रवाई और Robocalls पर लगेगा चार्ज

जयपुर: रोजाना आने वाली लोन, इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड, जॉब और अलग-अलग ऑफर्स की अनचाही कॉल्स से परेशान मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने स्पैम और अनचाही व्यावसायिक कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए अपने नियमों को और सख्त कर दिया है। नए फ्रेमवर्क में AI आधारित स्पैम डिटेक्शन, कई नंबरों के एक साथ फ्लैग होने पर जांच और ऑटोमेटेड/रोबो कॉल्स के लिए नए प्रावधान शामिल किए गए हैं।

राजस्थान में भी जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर समेत छोटे-बड़े शहरों के मोबाइल यूजर्स को इन नियमों से राहत मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर बार-बार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आने वाली स्पैम कॉल्स पर अब टेलीकॉम कंपनियों के स्तर पर ज्यादा कड़ी निगरानी की जाएगी।

10 दिन में 5 नंबर फ्लैग हुए तो शुरू होगी जांच

TRAI के नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी sender से जुड़े 5 या उससे अधिक नंबर 10 दिनों के भीतर स्पैम के तौर पर फ्लैग होते हैं, तो टेलीकॉम कंपनियां आगे की जांच और कार्रवाई शुरू कर सकती हैं। इसमें KYC की दोबारा जांच, फिजिकल वेरिफिकेशन, आउटगोइंग सेवाओं पर रोक और बार-बार नियम तोड़ने की स्थिति में कनेक्शन डिस्कनेक्ट करना शामिल है। इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे मामलों पर कार्रवाई करना है, जहां एक ही व्यक्ति या संस्था कई अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल करके लगातार व्यावसायिक या स्पैम कॉल्स करती है।

AI से होगी स्पैम नंबरों की पहचान

TRAI ने स्पैम कॉल्स की पहचान के लिए Artificial Intelligence (AI) और Machine Learning (ML) आधारित सिस्टम को भी नियामकीय ढांचे में शामिल किया है। टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स संदिग्ध स्पैम नंबरों की पहचान करेंगे और जरूरत पड़ने पर इनके बारे में जानकारी दूसरे ऑपरेटरों के साथ साझा करेंगे। इससे किसी स्पैमर के लिए अलग-अलग टेलीकॉम नेटवर्क पर नंबर बदलकर कार्रवाई से बचना मुश्किल हो सकता है।

ऑटोमेटेड और Robocalls पर भी सख्ती

नए नियमों में ऑटोमेटेड और रोबो कॉल्स को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। किसी sender को Auto Dialer या Robo Call का इस्तेमाल करने से पहले अपने originating telecom operator को इसकी जानकारी देनी होगी। घोषित नहीं की गई ऐसी कॉल्स को अनचाही व्यावसायिक संचार की श्रेणी में लिया जा सकता है। TRAI के नए प्रावधानों के तहत A2P (Application-to-Person) कॉल्स पर अधिकतम 5 पैसे प्रति मिनट तक का termination charge लगाया जा सकता है। इसका मकसद ऑटोमेटेड व्यावसायिक कॉल्स के अनियंत्रित इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है।

हालांकि, आधिकारिक और वैध सेवा/ट्रांजैक्शन कॉल्स के लिए निर्धारित नंबर सीरीज को अलग व्यवस्था के तहत रखा गया है। TRAI ने 1600 सीरीज को BFSI और सरकारी संस्थाओं की सेवा एवं ट्रांजैक्शन कॉल्स के लिए निर्धारित किया है।

राजस्थान के मोबाइल यूजर्स को क्या फायदा होगा?

राजस्थान में मोबाइल यूजर्स को सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि स्पैम कॉल्स की पहचान और कार्रवाई केवल किसी एक शिकायत तक सीमित नहीं रहेगी। अलग-अलग नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल्स के पैटर्न को भी टेलीकॉम कंपनियां पहचान सकेंगी। TRAI ने उपभोक्ताओं की शिकायत और अपील व्यवस्था को भी मजबूत किया है। नए नियमों का उद्देश्य स्पैम की पहचान के साथ-साथ गलत तरीके से कार्रवाई किए जाने की स्थिति में उपभोक्ताओं को शिकायत निवारण का रास्ता उपलब्ध कराना है।

Spam Call आने पर क्या करें?

TRAI लगातार मोबाइल यूजर्स को सलाह देता रहा है कि सिर्फ फोन में नंबर ब्लॉक करने के बजाय स्पैम कॉल या SMS की शिकायत आधिकारिक माध्यम से करें। TRAI DND App के जरिए स्पैम की रिपोर्टिंग की जा सकती है। इसके अलावा मोबाइल यूजर DND/NCPR सुविधा के जरिए अपनी कमर्शियल कम्युनिकेशन प्राथमिकताएं भी नियंत्रित कर सकते हैं। नए नियमों के बाद उम्मीद है कि राजस्थान समेत देशभर में बार-बार नंबर बदलकर की जाने वाली स्पैम और ऑटोमेटेड कॉल्स पर कार्रवाई का सिस्टम और प्रभावी होगा। हालांकि नियमों का वास्तविक असर टेलीकॉम कंपनियों द्वारा इनके क्रियान्वयन और उपभोक्ताओं की रिपोर्टिंग पर भी निर्भर करेगा।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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