राजस्थान पंचायत चुनाव पर बड़ा अपडेट: नहीं टलेंगे चुनाव! 15 नवंबर से पहले पूरी होगी प्रक्रिया, अफवाहों पर आयोग ने लगाई रोक

राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर चल रही अटकलों और अफवाहों के बीच अब तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। ग्रामीण इलाकों में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या पंचायत चुनाव एक बार फिर आगे बढ़ सकते हैं? सोशल मीडिया पर चुनाव टलने को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट रुख सामने आया है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए कहा है कि पंचायती राज संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना है। राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष भी चुनाव प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 तक पूरी कराने का संकल्प जताया है।

पंचायत चुनाव टलने की अफवाहों से बढ़ा असमंजस

पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों और ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक सक्रियता के बीच सोशल मीडिया पर चुनाव आगे खिसकने से जुड़े कई दावे सामने आने लगे थे। महत्वपूर्ण पर्व-त्योहारों और प्रशासनिक व्यस्तताओं को चुनाव में देरी की वजह बताया जा रहा था। इन चर्चाओं के कारण सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पदों के संभावित दावेदारों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति बनने लगी थी। आयोग की ओर से लगातार यह स्पष्ट किया जा रहा है कि चुनाव से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा किया जाए।

15 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य

राजस्थान हाईकोर्ट में सरकार की ओर से पेश किए गए कार्यक्रम के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया को 15 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम में चुनावी प्रक्रिया 23 सितंबर से शुरू होने और अलग-अलग चरणों में मतदान कराने की बात सामने आई थी। ऐसे में फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक और न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर चुनाव को केवल सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के आधार पर टलना नहीं माना जा सकता।

आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी

पंचायती राज चुनावों के लिए आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया में भी हाल में बदलाव हुआ था। पहले 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित आरक्षण लॉटरी को प्रशासनिक व्यस्तताओं के चलते आगे बढ़ाया गया। इसके बाद जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 23 सितंबर, जबकि उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए 24 सितंबर 2026 को आरक्षण लॉटरी कराने की प्रक्रिया तय की गई। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।

चुनाव आयोग ने अफवाहों से सावधान रहने को कहा

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह की ओर से मतदाताओं, संभावित उम्मीदवारों और पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें। आयोग का रुख है कि चुनाव संबंधी तारीख, कार्यक्रम या किसी बदलाव की जानकारी केवल राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार की आधिकारिक सूचना से ही मान्य होगी।

उम्मीदवारों की बढ़ी सक्रियता

पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित उम्मीदवार पहले से ही तैयारियों में जुटे हैं। सीटों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद दावेदारों की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है। राजनीतिक दल भी स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और संभावित उम्मीदवारों को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। फिलहाल चुनाव टलने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 15 नवंबर 2026 तक पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य बरकरार है। आगे की तारीखों और चरणों की अंतिम पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा से होगी।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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