नई दिल्ली: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को काफी हद तक सुरक्षित रखा है। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाने की कोशिश की गई है और फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल समेत जरूरी ईंधनों की उपलब्धता बनी हुई है।
मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुरी ने ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत ने आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने पर लगातार ध्यान दिया है। सरकार की ओर से भी अलग-अलग मौकों पर कहा गया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और रिटेल आउटलेट्स पर आपूर्ति सामान्य रखने के उपाय किए गए हैं।
वैश्विक तेल कीमतों में तेजी, भारत पर सीमित असर का दावा
हरदीप पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। उनके मुताबिक, वैश्विक तेल कीमतों में करीब 70 से 80 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई, लेकिन इसका असर भारतीय उपभोक्ताओं पर उसी अनुपात में नहीं पड़ा।
पुरी ने कहा कि सरकार ने उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए ईंधन की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की पूरी तेजी को सीधे ट्रांसफर नहीं किया। सरकार ने भी पश्चिम एशिया संकट के दौरान पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतों को स्थिर रखने के लिए कदम उठाए थे।
1.07 लाख रिटेल आउटलेट्स का दिया उदाहरण
केंद्रीय मंत्री ने देश के पेट्रोल पंप नेटवर्क का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में करीब 1.07 लाख रिटेल आउटलेट्स हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान इनमें से किसी भी आउटलेट पर ईंधन पूरी तरह खत्म होने की स्थिति नहीं आई।
पुरी ने ईंधन उपलब्धता की तुलना दूसरे देशों की परिस्थितियों से करते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में उपभोक्ताओं को राहत देने पर जोर रहा है।
हालांकि, अलग-अलग समय पर कुछ इलाकों में मांग बढ़ने, अफवाहों और जमाखोरी के कारण रिटेल आउटलेट्स पर दबाव की स्थिति जरूर सामने आई थी। सरकार ने ऐसे मामलों में पर्याप्त स्टॉक होने और सामान्य आपूर्ति बनाए रखने की बात कही थी।
पेट्रोल-डीजल में 10 रुपये प्रति लीटर कटौती का जिक्र
हरदीप पुरी ने पेट्रोल और डीजल की पिछली 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत में कमी या उपभोक्ता राहत की अपनी आर्थिक लागत होती है और सरकार की कोशिश रही है कि जरूरी ईंधन उपलब्ध भी रहे और उसकी कीमत उपभोक्ताओं के लिए बहुत अधिक न बढ़े।
सरकार ने 2026 में पश्चिम एशिया संकट के दौरान पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों को स्थिर रखने के लिए उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की थी।
भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं: पुरी
पुरी ने स्पष्ट किया कि भारत में फिलहाल ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने रिफाइनिंग और ईंधन उत्पादन व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि कच्चे तेल को रिफाइन कर पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं और देश की जरूरतों के मुताबिक आपूर्ति बनाए रखने की व्यवस्था मौजूद है।
सरकार के अनुसार, भारत की रिफाइनिंग क्षमता 258.1 मिलियन टन प्रति वर्ष है और वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू पेट्रोलियम उत्पादों की खपत 243.2 मिलियन टन रही। सरकार ने यह भी कहा है कि देश में घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए आपूर्ति के स्रोतों में विविधता
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने तेल और गैस की आपूर्ति के स्रोतों में विविधता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। सरकार ने पश्चिम एशिया से आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक स्रोतों से ऊर्जा की खरीद बढ़ाने की जानकारी दी है। प्राकृतिक गैस और LPG की उपलब्धता बनाए रखने के लिए भी अलग-अलग उपाय किए गए। सरकार के अनुसार, LPG की खरीद में अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ाया गया है।
पुरी के बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बावजूद भारत ने घरेलू ईंधन आपूर्ति को बनाए रखने और उपभोक्ताओं पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के असर को सीमित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है, जबकि ऊर्जा सुरक्षा के लिए वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर भी काम किया जा रहा है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







