राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: चुनावी तैयारी तेज, इसी सप्ताह कार्यक्रम की घोषणा संभव

जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित पंचायती राज चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पंचायत राज विभाग से प्राप्त वार्ड आरक्षण संबंधी जानकारी के परीक्षण के बाद अब चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा इसी सप्ताह होने की संभावना है, जबकि मतदान चार चरणों में कराए जाने की तैयारी बताई जा रही है। प्रदेश में इस बार पंचायती राज संस्थाओं के करीब 1.55 लाख पदों के लिए चुनाव होना है। इनमें जिला परिषद के 1,403 सदस्य, पंचायत समिति के 8,245 सदस्य, 457 प्रधान, 14,403 सरपंच और 1,30,589 वार्ड पंच के पद शामिल हैं।

आरक्षण प्रक्रिया पूरी, अब चुनाव कार्यक्रम पर नजर

पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। 23 सितंबर को जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी की प्रक्रिया हुई, जबकि 24 सितंबर को ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी सामने आई। आरक्षण की तस्वीर स्पष्ट होने के बाद अब संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ गई है। खासतौर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के दावेदार अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों और जनसंपर्क में जुटने लगे हैं।

चार चरणों में मतदान की तैयारी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पंचायत चुनाव को चार चरणों में कराने की तैयारी है। प्रस्तावित कार्यक्रम में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए अलग-अलग चरणों में मतदान तथा ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान कराने की योजना बताई गई है। हालांकि अंतिम तारीखें राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट मानी जाएंगी।

ईवीएम और मतपत्र से होगा मतदान

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल की तैयारी है, जबकि ग्राम पंचायत स्तर पर पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान मतपत्र के माध्यम से कराया जाना है। राजस्थान पंचायती राज चुनाव नियमों में ईवीएम से मतदान और मतपत्र संबंधी अलग-अलग प्रावधान मौजूद हैं।

14,403 सरपंच पदों पर होगा चुनाव

राज्य में 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए चुनाव होना है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब गांवों में चुनावी समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं। रिपोर्टों के अनुसार आरक्षण के बाद बड़ी संख्या में महिला सरपंच भी चुनी जाएंगी।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी, चुनाव चिह्न आवंटन और मतदान की तारीखों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ऐसे में अब ग्रामीण राजस्थान की नजर आयोग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment