Delimitation Issue: परिसीमन के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से तीन सवाल पूछे हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को परिसीमन पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार के पास कोई नया प्रस्ताव है, सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुलाई जा रही और लोकसभा में पहले गिर चुके विधेयक को दोबारा लाने की क्या मंशा है।
खरगे के पत्र पर रिजिजू के जवाब के बाद कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 16 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को परिसीमन के मुद्दे पर पत्र लिखा था। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 19 अक्टूबर को पत्र भेजा। अब कांग्रेस ने इस जवाब पर सवाल उठाते हुए सरकार से परिसीमन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि रिजिजू ने अपने जवाब में मार्च 2026 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा कुछ राजनीतिक दलों के साथ परिसीमन पर किए गए परामर्श का उल्लेख किया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन बैठकों में किए गए कथित वादे बाद में पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक में शामिल क्यों नहीं थे।
कांग्रेस के अनुसार, संबंधित संविधान संशोधन विधेयक 16 अप्रैल 2026 को सदन में पेश किया गया था और 17 अप्रैल को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। जयराम रमेश ने रिजिजू के जवाब का हवाला देते हुए यह भी कहा कि परामर्श में शामिल अधिकांश दलों ने विधेयक के खिलाफ मतदान किया था।
परिसीमन पर कांग्रेस के सरकार से तीन सवाल
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से परिसीमन के मुद्दे पर तीन प्रमुख सवालों के जवाब मांगे हैं।
1. क्या सरकार के पास परिसीमन पर कोई नया प्रस्ताव है?
कांग्रेस ने पूछा कि क्या मोदी सरकार परिसीमन को लेकर कोई ठोस नया प्रस्ताव तैयार कर रही है। यदि ऐसा कोई प्रस्ताव है, तो क्या इस पर राजनीतिक दलों के साथ चर्चा की गई है? पार्टी ने सरकार से प्रस्ताव को स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से सामने रखने की मांग की है।
2. सर्वदलीय बैठक बुलाने से सरकार क्यों बच रही है?
कांग्रेस का कहना है कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी राजनीतिक दलों को एक साझा मंच पर चर्चा करने का अवसर मिलना चाहिए। पार्टी ने सवाल उठाया कि सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी दलों की राय क्यों नहीं सुन रही है। जयराम रमेश के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस मांग को कई बार लिखित रूप में उठा चुके हैं।
3. क्या सरकार गिर चुके विधेयक को दोबारा लाना चाहती है?
कांग्रेस ने तीसरा सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या सरकार लोकसभा में गिर चुके संविधान संशोधन विधेयक को दोबारा पेश करके पारित कराने की कोशिश करना चाहती है। पार्टी ने ऐसी किसी भी संभावित कोशिश पर आपत्ति जताई और कहा कि सरकार को पहले अपना प्रस्ताव स्पष्ट करना चाहिए तथा सभी दलों के साथ चर्चा करनी चाहिए।
खरगे छह बार उठा चुके हैं सर्वदलीय बैठक की मांग: कांग्रेस
जयराम रमेश के अनुसार, मल्लिकार्जुन खरगे परिसीमन के मुद्दे पर सर्वदलीय चर्चा की मांग छह बार लिखित रूप में उठा चुके हैं। इनमें चार पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को और दो पत्र केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को लिखे गए थे।
कांग्रेस का कहना है कि परिसीमन जैसे संवैधानिक महत्व के विषय पर व्यापक सहमति बनाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। वहीं, इस मुद्दे पर सरकार के रुख और विपक्ष की मांगों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








