रितु बराला से मारपीट मामले में जयपुर में कांग्रेस का धरना, डोटासरा और गहलोत रातभर पुलिस कमिश्नरेट में बैठे

Jaipur News: दिल्ली में एनएसयूआई कार्यकर्ता रितु बराला के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नरेट में रातभर धरना दिया। धरने में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। कांग्रेस ने पुलिस से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को पूरे राजस्थान में तेज किया जाएगा।

मोती डूंगरी थाने से पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे कांग्रेस नेता

कांग्रेस नेताओं और पार्टी की कानूनी टीम ने रितु बराला के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने के लिए जयपुर के मोती डूंगरी थाने का रुख किया था। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, वहां पुलिस ने उन्हें पुलिस आयुक्त से संपर्क करने के लिए कहा। इसके बाद नेता पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस नेता धरना देने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पुलिस के निर्देशों के अनुसार कमिश्नरेट पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस आयुक्त के मौजूद नहीं होने पर कांग्रेस नेताओं ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रामेश्वर सिंह से मुलाकात की और जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग रखी।

डोटासरा के अनुसार, अधिकारियों ने उन्हें कमरा नंबर नौ में इंतजार करने को कहा और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद जवाब देने की बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि एफआईआर दर्ज करने के मामले में पुलिस को फैसला लेने में इतनी देरी क्यों हो रही है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

बीएनएसएस की धारा 173(1) का दिया हवाला

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भाजपा सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में रितु बराला के साथ कथित मारपीट के मामले में जयपुर पुलिस जीरो एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।

पवन खेड़ा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) का हवाला देते हुए कहा कि संज्ञेय अपराध की सूचना क्षेत्राधिकार की परवाह किए बिना पुलिस थाने में दी जा सकती है। कांग्रेस का कहना है कि इसी कानूनी प्रावधान के तहत जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले में आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और एफआईआर दर्ज करने की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

रफीक खान बोले- कोई विशेष रियायत नहीं, कानूनी अधिकार मांग रहे

राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान ने कहा कि रितु बराला के मामले में मोती डूंगरी थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट दी गई थी। उनके मुताबिक, पुलिस ने दस्तावेज स्वीकार कर हस्ताक्षर सहित उसकी प्रति भी दी, लेकिन थाना प्रभारी ने औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज नहीं की।

रफीक खान ने कहा कि कांग्रेस किसी तरह की विशेष सुविधा या रियायत नहीं मांग रही, बल्कि अपने कानूनी अधिकार के तहत कार्रवाई चाहती है। उन्होंने बताया कि थाने से पुलिस आयुक्त से संपर्क करने के लिए कहे जाने के बाद कांग्रेस नेता कमिश्नरेट पहुंचे, जहां उन्हें इंतजार करने को कहा गया। खान ने हाईकोर्ट से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो कांग्रेस जयपुर के साथ-साथ पूरे राजस्थान में आंदोलन करेगी।

अमीन कागजी ने भाजपा सरकार को घेरा

कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की बात करने वाले भाजपा नेताओं, मंत्रियों और मुख्यमंत्री की ओर से इस घटना पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कागजी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता लंबे समय से पुलिस कमिश्नरेट में बैठे हैं, लेकिन उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएगी और न्याय के लिए कानूनी रास्ता अपनाएगी।

रातभर धरने पर बैठे रहे कांग्रेस नेता, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रितु बराला के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं का पुलिस कमिश्नरेट में धरना राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अन्य नेताओं ने रातभर धरने पर बैठकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होने पर पार्टी आंदोलन को और व्यापक करेगी। अब इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और एफआईआर दर्ज करने को लेकर अगला कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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