भरतपुर (नदबई) | 6 अगस्त 2025
राजस्थान के भरतपुर जिले के नदबई थाना क्षेत्र से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज में ऑनलाइन गेमिंग की लत और उसके गंभीर परिणामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 22 वर्षीय युवक ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली, ताकि वह अपने पिता से फिरौती के नाम पर पैसा वसूल सके और ऑनलाइन गेमिंग में डूबे कर्ज को चुका सके।
खुद का अपहरण, जंगल से फोन और फिरौती की मांग
मामला नदबई थाना क्षेत्र के ककराली मंदिर बरौलीरान गांव का है, जहां निवासी राजेंद्र बंजारा को उनके बेटे पवन कुमार (22) का फोन आया। फोन पर पवन ने घबराई आवाज़ में कहा कि कुछ बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया है और एक लाख रुपये की फिरौती की मांग की जा रही है। साथ ही यह धमकी भी दी गई कि अगर पैसे नहीं मिले, तो उसे मार दिया जाएगा। पुत्र की जान को खतरे में जानकर पिता घबरा गए और ग्रामीणों के साथ तुरंत नदबई थाने पहुंचे। थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हेड कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की।
तकनीकी सहायता और जंगल में पैदल मार्च
पुलिस ने तुरंत मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की और युवक की अंतिम लोकेशन गांव चिडरऊआ के पास के जंगल में पाई गई। पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से उस इलाके में दबिश दी। टॉर्च की रोशनी में टीम ने रात के अंधेरे में करीब दो किलोमीटर तक घना जंगल पैदल पार किया। इसी दौरान पुलिस को एक युवक बाइक पर जंगल में भागते हुए नजर आया। पुलिस ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने अपनी पहचान पवन कुमार के रूप में बताई — वही युवक जिसकी अपहरण की सूचना उसके पिता ने दी थी।
झूठी साजिश का हुआ पर्दाफाश
थाने लाकर जब पवन से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने जो राज उगले वो बेहद चौंकाने वाले थे। पवन ने बताया कि वह गांव-गांव घूमकर सिम पोर्ट करने का काम करता है, लेकिन पिछले कुछ समय से वह ऑनलाइन गेमिंग की लत में फंस गया था।
धीरे-धीरे उसने हजारों रुपये के दांव लगाए और सब कुछ हार गया। अब उस पर कर्ज चढ़ चुका था और वह मानसिक दबाव में था। इस कारण उसने खुद के अपहरण की कहानी गढ़ी ताकि पिता से फिरौती के नाम पर पैसे लेकर कर्ज चुका सके। थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने बताया, “पुलिस टीम ने समय रहते तकनीकी सहायता और मैदान स्तर पर त्वरित कार्रवाई कर इस साजिश का भंडाफोड़ कर दिया। युवक के खिलाफ धोखाधड़ी व फर्जी सूचना देने का मुकदमा दर्ज किया गया है।”
यह घटना न केवल पुलिस सतर्कता की मिसाल है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है। ऑनलाइन गेमिंग जैसी लत किस तरह युवाओं को अपराध की ओर धकेल सकती है, यह इसका ज्वलंत उदाहरण है।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।