नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबलों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाया है। भारद्वाज का दावा है कि हाल ही में हुए एशिया कप में भारत-पाक मैचों से 490 से 630 करोड़ रुपये तक की भारी कमाई हुई है। उनका कहना है कि यदि सचमुच सरकार और खिलाड़ी शहीदों के प्रति संवेदनशील हैं, तो इस राजस्व को पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों और उनके परिवारों तक पहुंचाना चाहिए।
सूर्या को दी थी चुनौती, खिलाड़ी ने पूरी की
गौरतलब है कि एशिया कप के शुरुआती मैच में पाकिस्तान पर भारत की जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने यह जीत पहलगाम हमले में शहीद जवानों को समर्पित की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारद्वाज ने कहा था कि सिर्फ जीत समर्पित करने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने सूर्या और बीसीसीआई को चुनौती दी थी कि अगर सच्चा सम्मान करना है तो मैच की कमाई शहीद परिवारों तक पहुंचाई जाए।
भारद्वाज की चुनौती को स्वीकार करते हुए सूर्यकुमार यादव ने फाइनल में पाकिस्तान को हराने के बाद अपनी मैच फीस शहीद जवानों के परिवारों को दान करने का ऐलान किया। इस कदम की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हुई।
अब सरकार पर नया सवाल
हालांकि सौरभ भारद्वाज ने इस पहल पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन मोदी सरकार को निशाने पर जरूर लिया। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “भारत-पाक मैचों से 490 से 630 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। अगर यह रकम शहीद परिवारों में बांटी जाए तो हर परिवार को 19 से 25 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं। क्या भाजपा सरकार यह पैसा देगी?”
राजनीतिक बहस गरमाई
AAP नेता के इस बयान से राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। विपक्ष का कहना है कि केंद्र और क्रिकेट बोर्ड को भावनात्मक नारों से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं भाजपा और क्रिकेट प्रशासक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। जानकार मानते हैं कि भारद्वाज का यह बयान क्रिकेट और राजनीति की बहस को नए मोड़ पर ले आया है। अब देखना यह होगा कि क्या भारत-पाक मैचों की इस बड़ी कमाई से शहीद परिवारों को वास्तविक मदद मिल पाएगी या यह मुद्दा भी केवल राजनीति की बयानबाजी तक सिमट जाएगा।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







