SIR विवाद: अभिजीत दीपके ने साझा की भावुक पोस्ट, बोले- प्रदर्शन के लिए निकलते वक्त रो पड़ीं मां

नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश में राजनीतिक और सामाजिक विरोध का सिलसिला जारी है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए घर से निकलते समय उनकी मां रो पड़ीं।

दीपके ने कहा कि उनकी मां की चिंता केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि उन तमाम परिवारों की भावनाओं को भी दर्शाती है, जिनके सदस्य SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।

SIR को लेकर बेंगलुरु में कार्यक्रम में शामिल होंगे दीपके

अभिजीत दीपके ने बताया कि वह बेंगलुरु के लिए रवाना हुए हैं। वहां वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आयोजित People’s Tribunal में हिस्सा लेने की बात कह रहे हैं। इस दौरान वह स्थानीय लोगों से भी बातचीत करेंगे।

दीपके के मुताबिक, कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि उनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर बेंगलुरु के Freedom Park में प्रदर्शन का कार्यक्रम भी बताया गया है। इसके बाद CJP की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है।

‘मां ऐसे रोईं, जैसे मैं युद्ध क्षेत्र में जा रहा हूं’

दीपके ने अपनी पोस्ट में घर से निकलने के समय का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मां की आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने बताया कि मां उन्हें इस तरह विदा कर रही थीं, जैसे वह किसी युद्ध क्षेत्र में जा रहे हों। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मां को भरोसा दिलाया कि सब कुछ ठीक रहेगा, लेकिन उनके मन में भी आने वाले दिनों को लेकर कई सवाल हैं। दीपके ने कहा कि लगातार अपनी मां को यह भरोसा दिलाना कि सब ठीक होगा, जबकि भविष्य में क्या होगा इसकी पूरी जानकारी नहीं है, उनके लिए भी भावनात्मक रूप से मुश्किल हो रहा है।

‘पिता भी चुप थे’

CJP संस्थापक ने अपने पिता की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वह घर से निकले तो उनके पिता भी काफी शांत थे। दीपके के मुताबिक, उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनके पिता चाहते हैं कि परिवार कुछ महीने पहले जैसी सामान्य जिंदगी में वापस लौट जाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों के परिवार भी लगातार चिंता में रहते हैं और फोन या मैसेज करके यह जानने की कोशिश करते हैं कि उनके परिजन कहां हैं और सुरक्षित हैं या नहीं।

‘प्रदर्शन में शामिल लोग अकेले नहीं हैं’

अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से कहा कि वे खुद को अकेला न समझें। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आवाज उठाने वाले लोग एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।  उन्होंने भविष्य को लेकर अपनी उम्मीद भी साझा की। दीपके ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसा भारत देखना होना चाहिए, जहां युवा अपनी बात रखने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतर सकें और उनके माता-पिता को उनकी सुरक्षा को लेकर डर महसूस न करना पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली पीढ़ी जब अपने अधिकारों और मुद्दों को लेकर आवाज उठाए तो उनके परिवारों को वैसी चिंता का सामना न करना पड़े जैसी चिंता आज उनके माता-पिता कर रहे हैं।

10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी

SIR को लेकर CJP की ओर से दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान पहले ही किया जा चुका है। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। CJP की ओर से इसे लेकर दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की बात कही गई है। इस बीच CJP के नेताओं ने दावा किया है कि प्रदर्शन से पहले कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस की ओर से नोटिस दिए जा रहे हैं। हालांकि, ये आरोप संगठन की ओर से किए गए दावे हैं और संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष अलग हो सकता है।

SIR को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और विपक्षी दलों तथा विभिन्न संगठनों के आरोपों के बीच यह मुद्दा लगातार राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में बेंगलुरु और दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रमों पर सभी की नजर रहेगी।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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