चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने आईपीएल 2025 की शुरुआत मुंबई इंडियंस पर जीत के साथ की थी, लेकिन उसके बाद से टीम पटरी से उतर चुकी है। रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली CSK को अपने पिछले दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने उन्हें 50 रन से हराया, जबकि 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स ने 6 रन से शिकस्त दी। खासतौर पर लक्ष्य का पीछा करने के दौरान CSK की बल्लेबाजी में आक्रामकता की कमी नजर आई है, जिससे टीम को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने टीम का बचाव किया है।
श्रीकांत ने दिए प्लेइंग-11 में बदलाव के सुझाव
1983 वर्ल्ड कप विजेता और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज कृष्णम्माचारी श्रीकांत ने चेन्नई सुपर किंग्स की हालिया विफलताओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने CSK के प्लेइंग-11 में कुछ अहम बदलावों की सिफारिश की है। श्रीकांत ने खासतौर पर टॉप ऑर्डर में डेवोन कॉनवे को शामिल करने का सुझाव दिया है और अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का समर्थन किया है।
उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “कॉनवे को जेमी ओवरटन की जगह टीम में आना चाहिए और अंशुल कंबोज को भी प्लेइंग-11 में मौका मिलना चाहिए। अश्विन को टीम से बाहर नहीं करना चाहिए, लेकिन उन्हें पावरप्ले में गेंदबाजी करने से रोका जाना चाहिए। जडेजा और नूर अहमद के साथ मिलकर 7 से 18वें ओवर के बीच वह प्रभावी साबित हो सकते हैं। इस रणनीति से टीम को कम से कम 10 ओवर तक स्पिन का बेहतरीन फायदा मिल सकता है।”
इसके अलावा उन्होंने कहा कि राहुल त्रिपाठी को प्लेइंग-11 से बाहर कर कंबोज को शामिल किया जाए और ओवरटन की जगह कॉनवे को लाया जाए। श्रीकांत का मानना है कि इस बदलाव से CSK के प्रदर्शन में सुधार हो सकता है।
अश्विन का प्रदर्शन और टीम में उनकी भूमिका
रविचंद्रन अश्विन को CSK ने 9.75 करोड़ रुपये की भारी कीमत पर खरीदा था, लेकिन इस सीजन में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। उन्होंने अब तक खेले गए तीन मैचों में सिर्फ तीन विकेट ही लिए हैं। श्रीकांत ने सुझाव दिया कि अश्विन को नई भूमिका दी जानी चाहिए, जिससे वह अधिक प्रभावशाली साबित हो सकें।
मध्यक्रम में आक्रामकता की जरूरत
CSK के मध्यक्रम में आक्रामक बल्लेबाजी की कमी साफ दिखी है। यहां तक कि अनुभवी एमएस धोनी भी अब तक खेले गए मैचों में टीम को मजबूती नहीं दे पाए हैं। इस मुद्दे पर श्रीकांत ने कहा, “मैं शिवम दुबे को प्लेइंग-11 में खिलाना पसंद करूंगा और आंद्रे सिद्धार्थ को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में इस्तेमाल करूंगा। मुकेश चौधरी भी एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं, जिन्होंने पहले भी CSK के लिए शानदार गेंदबाजी की है।”
आगे की रणनीति पर CSK का फोकस
चेन्नई सुपर किंग्स को अब अपनी रणनीति में बदलाव करने की जरूरत है। बल्लेबाजी में आक्रामकता बढ़ाने और गेंदबाजी में संतुलन बनाने के लिए कोचिंग स्टाफ और कप्तान को सही फैसले लेने होंगे। आगामी मैचों में देखने वाली बात होगी कि क्या CSK श्रीकांत की सलाह पर अमल करता है या अपने मौजूदा संयोजन पर ही भरोसा बनाए रखता है।
