मेवाड़ में 350 साल पुरानी सेवरा लाने की परंपरा आज भी कायम

राजसमन्द। 17 मार्च । गणगौर राजस्थान का प्रसिद्ध त्यौहार है। गण यानी शिव और गौर मतलब गौरी माता पार्वती से है। दोनों शब्दों से मिलकर बनता है गणगौर। यह पर्व होली के 15 दिन बाद मनाया जाता है। सदियों से मेवाड़ में इसे विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है। होली खेलने के बाद से मेवाड़ में कुंवारी कन्याओं द्वारा सेवरा लाने की परंपरा है। सूर्योदय से पूर्व यह कन्याएं गीत गाती हुई आसपास के बगीचे या उद्यान तक

Read More »
देश
अंतर्राष्ट्रीय
क्राइम
धर्म
बिज़नेस
मनोरंजन
राजनीति