Baran Irrigation Projects: राजस्थान के बारां जिले में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए राज्य सरकार की कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन योजनाओं के पूरा होने से जिले की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का पानी मिल सकेगा। वर्तमान में जिले में करीब 1 लाख 8 हजार 692 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है, जबकि निर्माणाधीन परियोजनाओं से 1 लाख 16 हजार 205 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है। इसके अलावा कई नए क्षेत्रों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करवाई जा रही है।
बारां में कृषि योग्य भूमि अधिक, लेकिन जलाशयों की कमी
राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में स्थित बारां जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 6 लाख 95 हजार 550 हेक्टेयर है। इसमें करीब 3 लाख 53 हजार 616 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है। हालांकि, मानसून के दौरान मिलने वाले पानी को संग्रहित करने के लिए जिले में बड़े जलाशयों की संख्या सीमित है।
जिले में बड़े और छोटे बांधों तथा तालाबों की संख्या करीब डेढ़ दर्जन है। इन जलस्रोतों के माध्यम से वर्तमान में लगभग 1 लाख 8 हजार 692 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है। अब सिंचाई विभाग की करीब 13 निर्माणाधीन परियोजनाओं से 1 लाख 16 हजार 205 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
हथियादेह परियोजना से 54 गांवों को मिलेगा लाभ
हथियादेह मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत हथियादेह नाले पर बांध का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस बांध में 46.95 मिलियन घनमीटर पानी का भराव हो सकेगा। परियोजना से जनजाति बहुल क्षेत्र के 54 गांवों की लगभग 9,900 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कमांड क्षेत्र में डिग्गी, पंप हाउस और पाइप नेटवर्क बिछाने का काम किया जा रहा है। विभाग ने इस परियोजना का काम जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अंधेरी मध्यम सिंचाई परियोजना पर 830 करोड़ रुपये खर्च होंगे
छबड़ा तहसील में अंधेरी नदी पर मूण्डकिया गांव के पास करीब 3 किलोमीटर लंबा बांध बनाने का प्रस्ताव है। इस परियोजना के तहत 45.29 मिलियन घनमीटर पानी का संग्रहण किया जाएगा। इससे छबड़ा और छीपाबड़ौद क्षेत्र के 56 गांवों की लगभग 9,850 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। परियोजना के निर्माण के लिए विभाग की ओर से निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। फिलहाल इसकी अनुमानित लागत करीब 830 करोड़ रुपये बताई गई है।
पार्वती नहर के जीर्णोद्धार से 57 गांवों को फायदा
पार्वती नहर प्रणाली की मुख्य नहर और इससे जुड़ी नहरों के सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। इस परियोजना से अटरू, बारां और मांगरोल तहसील के 57 गांवों की करीब 12,531 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलता है। नहर प्रणाली के जीर्णोद्धार से पानी के बेहतर वितरण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
तीन बांधों में होगा 14.50 मिलियन घनमीटर से अधिक पानी का संग्रहण
शाहाबाद क्षेत्र में कुंजाय, सेमरी और बमनगवां परियोजनाओं के तहत करई नदी पर तीन बांध बनाए जाएंगे। इन बांधों में कुल 14.50 मिलियन घनमीटर से अधिक पानी का संग्रहण प्रस्तावित है। अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए तीनों बांधों में गेट भी लगाए जाएंगे। इस परियोजना से क्षेत्र के करीब 34 गांवों की 5,600 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है। विभाग ने तीन साल की अवधि में निर्माण कार्य पूरा कर सिंचाई शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
नए क्षेत्रों के लिए भी तैयार हो रही DPR
बारां जिले के कुछ अन्य क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने की तैयारी भी चल रही है। नाहरगढ़ क्षेत्र की करीब 9,800 हेक्टेयर भूमि, केलवाड़ा और समरानियां क्षेत्र की लगभग 15 हजार हेक्टेयर भूमि तथा पार्वती नदी के बाएं किनारे पर छबड़ा क्षेत्र की करीब 16 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभाग की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है।
सिंचाई विभाग ने बताई परियोजनाओं की प्रगति
सिंचाई विभाग बारां के अधीक्षण अभियंता जितेन्द्र शेखर के अनुसार, जिले में सिंचाई संसाधनों के विकास के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। पहले से संचालित सिंचाई परियोजनाओं के अलावा वर्तमान में चल रहे कार्यों से 1 लाख 16 हजार 205 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से बारां जिले में सिंचित क्षेत्र का विस्तार होगा और किसानों को मानसून पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








