बाड़मेर जिले की हरसानी उप-तहसील में गंभीर पेयजल संकट और जल जीवन मिशन (JJM) के तहत बिछाई गई पाइपलाइन में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बुधवार को सत्याग्रह शुरू कर दिया। दोपहर बाद विधायक भाटी बाड़मेर स्थित अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय में धरने पर बैठ गए, जहां उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन परियोजना में बड़े स्तर पर लापरवाही और अनियमितताएं हुई हैं। कई गांवों में पाइपलाइन का काम अधूरा पड़ा है, कहीं पानी की टंकियां ही नहीं बनीं, तो कहीं घर-घर कनेक्शन देने में भारी कोताही बरती गई। इसके चलते करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को आज तक शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पाया है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने के दौरान विधायक भाटी ने कहा कि उन्होंने इन अनियमितताओं को लेकर पहले भी कई बार संबंधित विभागों को पत्र लिखकर अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो शिकायतों को गंभीरता से लिया और न ही मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक पेयजल समस्या का ठोस समाधान नहीं होता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
हरसानी उप-तहसील में पूर्ण बंद
धरने के साथ-साथ हरसानी उप-तहसील क्षेत्र में ग्रामीणों की ओर से पूर्ण बंद का आह्वान किया गया, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। बाजार बंद रहे और आम जनजीवन प्रभावित हुआ, हालांकि आवश्यक सेवाओं, आपातकालीन और चिकित्सकीय सेवाओं को बंद से अलग रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत लेआउट का उल्लंघन कर पाइपलाइन बिछाई गई है। कार्य न तो निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ और न ही पारदर्शिता बरती गई, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं।
पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
गौरतलब है कि जल जीवन मिशन में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मंगलवार को भी ग्रामीणों ने उप-तहसील मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया था। उस दौरान ग्रामीणों ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए जिला कलेक्टर के नाम उप-तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा था। अब विधायक के सत्याग्रह और ग्रामीणों के बंद के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस गंभीर पेयजल संकट और अनियमितताओं के आरोपों पर कब और क्या कार्रवाई करते हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








