बिहार में ‘इंडिया’ गठबंधन का बिग बंग: तेजस्वी यादव होंगे सीएम फेस, मुकेश सहनी बनेंगे डिप्टी सीएम

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) में सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर चल रहा सियासी अंतर्द्वंद्व अब खत्म हो गया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के युवा नेता तेजस्वी यादव महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। साथ ही, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री की कुर्सी का दावेदार घोषित किया गया।

गहलोत ने की घोषणा, गठबंधन में दिखी एकजुटता

एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अशोक गहलोत ने कहा, “यह फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की सहमति के बाद गठबंधन के सभी सहयोगी दलों की मौजूदगी में लिया गया है।” उन्होंने यह स्पष्ट करते हुए कि गठबंधन में 5-10 सीटों पर विवाद होना सामान्य है, जोर दिया कि सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है और अब “बिहार की जनता के हित और राज्य के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए” एकजुट होकर चुनाव लड़ा जाएगा।

गहलोत-लालू की मुलाकात ने तोड़ा गतिरोध

इस ऐतिहासिक फैसले की नींव बुधवार को हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में रखी गई थी। अशोक गहलोत ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की, जिसमें कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मौजूद थे। इस बैठक में सीट बंटवारे, उम्मीदवारों की सूची और सरकार बनने की स्थिति में सत्ता की संरचना पर विस्तृत चर्चा हुई। यह मुलाकात गठबंधन में चल रहे तनाव को दूर करने और एक साझा रणनीति बनाने के लिए अहम साबित हुई।

रणनीतिक कदम: युवा नेतृत्व और सामाजिक न्याय का समीकरण

तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाना गठबंधन की एक सोची-समझी रणनीति लगती है। तेजस्वी ने पिछले गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी और उन्हें युवाओं की एक बड़ी आबादी का समर्थन हासिल है। वहीं, मुकेश सहनी को उपमुख्यमंथी का उम्मीदवार घोषित करके गठबंधन ने निषाद समुदाय सहित अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) के एक बड़े वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है।

‘फ्रेंडली फाइट’ से उपजे भ्रम को दूर करने का वादा

बिहार की 243 सीटों के लिए गठबंधन ने अब तक कुल 256 उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे कई सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति पैदा हो गई थी। राजद ने 143, कांग्रेस ने 61 और वीआईपी ने 15 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। इससे कार्यकर्ताओं में काफी भ्रम की स्थिति थी। गहलोत ने इस मुद्दे को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि गठबंधन नेतृत्व जल्द ही इस भ्रम को दूर कर देगा और सभी सहयोगी दल एकजुट होकर प्रचार अभियान चलाएंगे।

निचोड़: एकजुट विपक्ष के सामने एनडीए की चुनौती

‘इंडिया’ गठबंधन की यह एकजुटता बिहार की सियासत में एक नया मोड़ ला सकती है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक स्पष्ट और युवा चेहरा, और मुकेश सहनी के माध्यम से सामाजिक न्याय का समीकरण, गठबंधन के पक्ष में काम कर सकता है। अब नजर चुनाव प्रचार के अगले चरण पर टिकी है, जहाँ यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एकजुट विपक्ष, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सत्ता को चुनौती देने में सफल हो पाता है। बिहार एक बार फिर से देश की राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment