बिहार में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। इसी बीच शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके पटना स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात करीब 15 मिनट तक चली, जिसमें दोनों नेताओं ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए की चुनावी रणनीति, सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों पर विस्तार से चर्चा की।
एनडीए में सब कुछ सुचारू, रणनीति तैयार
बैठक के बाद जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि बैठक “सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक” रही। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने चुनाव प्रचार रणनीति और सीट वितरण पर चर्चा की और एनडीए में सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा है। झा ने कहा — “हमने सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है और बिहार की सभी 243 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। अमित शाह आज सारण से चुनाव प्रचार की शुरुआत कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भोजपुर जिले के जगदीशपुर में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे।”
महागठबंधन पर हमला — “गठबंधन लगभग टूट चुका है”
संजय झा ने विपक्षी महागठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों में सीट बंटवारे को लेकर न तो समन्वय है और न ही स्पष्टता। “महागठबंधन में अभी तक यह तय नहीं हुआ कि कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी। उम्मीदवारों को टिकट दिए जाते हैं और फिर वापस ले लिए जाते हैं। इससे साफ है कि बिहार की जनता की चिंता करने के बजाय वे आपसी झगड़ों में उलझे हैं,” झा ने कहा।
नीतीश ही हैं एनडीए के चेहरे” — शाह के बयान पर सफाई
हाल में मीडिया में चली खबरों के अनुसार, अमित शाह ने मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर अस्पष्ट बयान दिया था। इस पर झा ने सफाई देते हुए कहा कि — “अमित शाह के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि बिहार में राजग का नेतृत्व नीतीश कुमार कर रहे हैं और विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।”
एनडीए का सीट बंटवारा तय
एनडीए के भीतर सीटों का बंटवारा भी तय हो गया है।
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भाजपा (BJP): 101 सीटें
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जेडीयू (JDU): 101 सीटें
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लोक जनशक्ति पार्टी (LJP): 29 सीटें
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हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM): 6 सीटें
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राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM): 6 सीटें
एनडीए अब राज्यभर में संयुक्त रूप से अपने चुनाव प्रचार अभियान को गति देने जा रहा है।
अमित शाह और नीतीश कुमार के अलग-अलग कार्यक्रम
बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सारण जिले से अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भोजपुर के जगदीशपुर में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। दोनों नेताओं के कार्यक्रमों को लेकर राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शाह-नीतीश की यह मुलाकात एनडीए में “एकजुटता का संदेश” देने की कोशिश है। वहीं, महागठबंधन की अंदरूनी कलह एनडीए को बढ़त दिला सकती है। बिहार में नवंबर में मतदान की संभावनाएं हैं, और चुनावी मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







