केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को लेकर दिए गए एक कथित बयान के बाद बिहार की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है। बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजन सिंह के एक वायरल वीडियो में चिराग पासवान की जेंडर पहचान को लेकर दावा किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने आपत्ति जताई है। उन्होंने बिहार सरकार से कथित टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
चिराग पासवान को लेकर क्या कहा गया?
सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे वीडियो में डॉ. राजन सिंह कथित तौर पर चिराग पासवान को ट्रांसजेंडर समुदाय से जोड़ते हुए बयान देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चिराग पासवान अपनी पहचान छिपाते हैं और यदि वह सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार कर लें तो ट्रांसजेंडर समुदाय उनके समर्थन में खड़ा हो सकता है।हालांकि, चिराग पासवान की जेंडर पहचान को लेकर इस तरह के दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए इसे सत्यापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
जीतन राम मांझी ने जताई आपत्ति
इस बयान पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के बारे में इस तरह की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए बिहार सरकार से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांझी ने अपने कैबिनेट सहयोगी चिराग पासवान का बचाव करते हुए कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मामले में कानून के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग रखी।
कौन हैं डॉ. राजन सिंह?
डॉ. राजन सिंह बिहार के छपरा से जुड़े ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट बताए जाते हैं और बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वह चुनावी राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने 2024 में दक्षिण दिल्ली लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। इसके अलावा 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में कालकाजी सीट से भी उन्होंने चुनावी मैदान में उतरने के लिए नामांकन दाखिल किया था।
बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
चिराग पासवान को लेकर सामने आए इस कथित बयान के बाद बिहार की सियासत में राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। एक तरफ बयान को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर चर्चा जारी है। फिलहाल, डॉ. राजन सिंह के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में चिराग पासवान की जेंडर पहचान को लेकर वायरल दावे को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। विवाद का आगे क्या कानूनी या राजनीतिक असर होता है, यह संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई और पक्षों के आधिकारिक बयानों पर निर्भर करेगा।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







