जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शहरी निकायों के वार्डों में पहुंचकर पार्षदों से चर्चा करें और जनता की समस्याओं का चिन्हीकरण करें। सीएम ने कहा कि अभियान से पहले 4 से 13 सितम्बर तक प्री-कैम्प आयोजित किए जाएंगे, ताकि मुख्य कैम्प के दौरान आमजन को सुगम और त्वरित राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय “अंत्योदय” की संकल्पना को सिद्धि की ओर ले जाते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक राहत पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाला ‘शहर चलो अभियान’ राजस्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बैठक में सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के सफल संचालन के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर ईमानदारी से क्रियान्वयन किया जाए।
इन योजनाओं पर होगा विशेष फोकस
इस अभियान के तहत शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था सुधार, नई स्ट्रीट लाइट्स लगाने, आवारा पशुओं को पकड़ने, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने, सार्वजनिक स्थानों का रखरखाव व सौंदर्यकरण, सड़क मरम्मत जैसे जनोपयोगी कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही पीएम स्वनिधि ऋण वितरण, पीएम सूर्यघर योजना के आवेदन, सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी और विद्यालयों की मरम्मत जैसे कार्य भी विशेष रूप से संपादित किए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सुनियोजित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में भी भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वच्छता, पेयजल, सड़क और सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। सीएम शर्मा ने कहा कि यह अभियान न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण विकास को भी नई दिशा देगा और राजस्थान के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







