पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने की दिशा में चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 16 दिसंबर को आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। यह प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी, जिसका मकसद मतदाता सूची से खामियों को दूर करना और इसे पूरी तरह अपडेट करना है। चुनाव आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराई गई है। इसी के साथ SIR 2026 के तहत उन मतदाताओं की अलग सूची भी जारी की गई है, जिनके नाम संशोधन के दौरान हटाए गए हैं। समाचार एजेंसी PTI के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।
घर-घर सत्यापन, लेकिन सियासत भी तेज
SIR अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन कर रहे हैं और उसी आधार पर सूची में जरूरी सुधार किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग इसे लोकतंत्र को मजबूत करने की कवायद बता रहा है, वहीं कुछ राजनीतिक दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया का चुनावी नतीजों पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम कैसे चेक करें
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम शामिल है या नहीं, तो इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प मौजूद हैं। ऑनलाइन नाम जांचने के लिए सबसे पहले eci.gov.in पर जाएं। इसके अलावा आप ceowestbengal.gov.in यानी पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं। यहां EPIC नंबर (वोटर आईडी नंबर) या मतदाता के नाम के जरिए सर्च किया जा सकता है। सर्च करते ही आपकी वोटर डिटेल्स स्क्रीन पर दिखाई देने लगेंगी।
वेबसाइट न खुले तो क्या करें
अगर किसी तकनीकी कारण से वेबसाइट काम नहीं कर रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। हर पोलिंग बूथ की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की एक कॉपी संबंधित BLO के पास उपलब्ध होती है। इसके अलावा राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल असिस्टेंट (BLA) से भी मतदाता मदद ले सकते हैं।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम न हो तो क्या करें
अगर ऑनलाइन या ऑफलाइन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं मिलता है, तो आपके पास दावा पेश करने का विकल्प मौजूद है। इसके लिए सबसे पहले फॉर्म-6 और Annexure-IV भरना होगा। ये फॉर्म आप अपने क्षेत्र के BLO कार्यालय में जमा कर सकते हैं या फिर voters.eci.gov.in वेबसाइट अथवा E-NET ऐप के जरिए ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं।
इसके बाद चुनाव आयोग द्वारा बुलाई जाने वाली सुनवाई में शामिल होना जरूरी होगा। इस दौरान आपको यह साबित करना होगा कि आप भारतीय नागरिक हैं और मतदान के लिए पात्र हैं। सत्यापन के बाद सही पाए जाने पर आपका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा।
नाम जोड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज
नाम जोड़ने के लिए कई वैध दस्तावेजों को प्रमाण के तौर पर जमा किया जा सकता है। इनमें राज्य या केंद्र सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, 10वीं या अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र, राज्य सरकार का एड्रेस प्रूफ, जाति प्रमाण पत्र, फैमिली रजिस्टर, भूमि या आवास आवंटन से जुड़े दस्तावेज और 1987 से पहले जारी किए गए सरकारी या संस्थागत रिकॉर्ड शामिल हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और चुनाव निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जा सकें।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








