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राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोप पर चुनाव आयोग सख्त, कहा—”हलफनामा दो, नहीं तो देश से माफी मांगो”

नई दिल्ली:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा गुरुवार को लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग (Election Commission) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि राहुल गांधी अपने आरोपों पर हलफनामा देकर शपथपूर्वक जानकारी नहीं देते हैं, तो उनके दावे पर कोई जांच नहीं होगी। और अगर वे ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें देश से माफी मांगनी होगी।

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी द्वारा बिहार के SIR (State Information Report) में अभी तक कोई आधिकारिक आपत्ति या दावा प्रस्तुत नहीं किया गया है। आयोग को आशंका है कि पहले की तरह इस बार भी वे चुनाव के बाद ही कोई आपत्ति दर्ज कराएंगे।

“दावे करें, लेकिन प्रक्रिया के अनुसार” — चुनाव आयोग

चुनाव आयोग का कहना है कि वे चाहते हैं कि राहुल गांधी अपने दावों को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दर्ज करें— यानी घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करें और शपथपत्र के साथ तथ्यों को प्रस्तुत करें। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा: “हर बार की तरह ‘गोली मारकर भाग जाने’ या ‘टक्कर मारकर भाग जाने’ वाला रवैया अब नहीं चलेगा। जब तक दस्तावेज़ और सबूत पेश नहीं किए जाते, तब तक ऐसे बयानों की कोई वैधता नहीं मानी जाएगी।”

क्या है मामला?

राहुल गांधी ने गुरुवार को एक वीडियो संदेश में फर्जी वोटर लिस्ट और नाम काटे जाने के आरोप लगाए थे, खासकर बिहार के कई जिलों को लेकर। उन्होंने फॉर्म 6 का ज़िक्र करते हुए दावा किया कि कई मतदाताओं का नाम बिना कारण हटाया गया है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को अब तक गलत और निराधार बताया है।

राजनीतिक हलचल तेज

इस बयानबाज़ी के बाद बिहार की राजनीति भी गर्मा गई है। जहां विपक्ष राहुल गांधी के समर्थन में खड़ा नजर आ रहा है, वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जैसे नेताओं ने कांग्रेस पर “संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने” का आरोप लगाया है।

चुनाव आयोग की दो टूक

अब चुनाव आयोग की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि आरोपों को लेकर जिम्मेदारी से पेश आना होगा। केवल मीडिया में बयान देने से न तो जांच शुरू होगी और न ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया बाधित की जा सकती है।

निष्कर्ष:
राहुल गांधी के गंभीर आरोपों पर चुनाव आयोग की सख्ती यह दर्शाती है कि अब संस्थाएं बिना साक्ष्य के आरोपों को सहन नहीं करेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी अब इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाते हैं— हलफनामा जमा करते हैं या देश से माफी मांगते हैं।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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