अक्टूबर 2025: सोने की चमक इस साल लगातार बढ़ती जा रही है। वर्ष 2025 में सोना लगातार नई ऊंचाइयाँ छू रहा है और अक्टूबर में यह 4000 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुँच गया है। सितंबर में 12% की बढ़त दर्ज करने के बाद सोना 3,825 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गया था, और अब यह नई ऊंचाई को छू रहा है।
क्या थमेगी सोने की रैली?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की सितंबर रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सोना आगे भी शेयर बाजार में गिरावट के दौरान सुरक्षा कवच का काम करेगा। साल 2025 में अब तक सोना 39 बार अपना रिकॉर्ड तोड़ चुका है। ETF में जबरदस्त निवेश और डॉलर की कमजोरी ने इस रैली को और मजबूती दी है।
हालांकि, अब कई निवेशक सोने को “ओवरबॉट” मान रहे हैं, यानी अल्पकाल में नई खरीदारी की गुंजाइश सीमित दिख रही है। लेकिन WGC की रिपोर्ट के मुताबिक, लंबी अवधि में सोने में निवेश अभी भी कम है, और इसमें और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।
WGC का स्पष्ट संदेश: अल्पकाल में ठहराव, दीर्घकाल में अवसर
रिपोर्ट के अनुसार, सोने में हाल के दिनों में तेज खरीदारी देखने को मिली है, इसलिए कीमतों में थोड़ा ठहराव दिख सकता है। लेकिन दीर्घकालिक नजरिए से देखें तो दुनिया के अन्य निवेश विकल्पों (जैसे शेयर और बॉन्ड) की तुलना में सोने की हिस्सेदारी अभी भी कम है। इसका मतलब यह है कि अगर अल्पकाल में मुनाफावसूली देखने को मिल भी जाए, तो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना एक भरोसेमंद एसेट बना रहेगा।
डॉलर और ब्याज दरों का रहेगा प्रभाव
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर अमेरिकी डॉलर अचानक मजबूत होता है, तो सोने की रैली को झटका लग सकता है। वहीं, अगर शेयर बाजार कमजोर बना रहता है, तो सोना फिर से “सेफ हेवन” यानी सुरक्षित ठिकाने के तौर पर उभर सकता है। WGC का मानना है कि जब तक बाजार में कोई बड़ा लिक्विडिटी संकट नहीं आता, सोने की चमक बरकरार रहेगी और यह धीरे-धीरे नई ऊंचाइयाँ बना सकता है।
निवेशकों के लिए सुझाव
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अल्पकाल में सावधानी: फिलहाल सोना थोड़ा महंगा है, इसलिए तुरंत तेज रैली की उम्मीद न करें।
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दीर्घकाल में भरोसा: आने वाले महीनों में सोने में निवेश फायदेमंद साबित हो सकता है।
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डॉलर और ब्याज दरों पर नजर: अगर डॉलर कमजोर रहता है, तो सोना फिर से नई ऊंचाई छू सकता है।
निष्कर्ष: सोना इस समय ऐतिहासिक ऊँचाइयों पर है, और WGC की रिपोर्ट संकेत देती है कि अल्पकाल में थोड़ा ठहराव आ सकता है, लेकिन दीर्घकाल में इसकी चमक बरकरार रहने की उम्मीद है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







