बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र ने अपने करियर में सैकड़ों फिल्में कीं, लेकिन कुछ फिल्मों ने उन्हें वह ऊँचाई दिलाई जो आज भी उन्हें अमर बनाए हुए है। यहाँ धर्मेंद्र की 5 सबसे सुपरहिट फिल्मों के रिव्यू सहित एक विशेष लेख प्रस्तुत है।
1. शोले (1975) – वीरू का किरदार जिसने घर-घर जगह बनाई
धर्मेंद्र की पहचान आज भी ‘वीरू’ के नाम से होती है। शोले भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जाती है। फिल्म में उनके हल्के-फुल्के हास्य, प्रेम, दोस्ती और एक्शन का मिश्रण दर्शकों को बेहद पसंद आया। वीरू और बसंती की जोड़ी आज भी रोमांटिक क्लासिक की मिसाल मानी जाती है। फिल्म की लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके संवाद आज भी आम बोलचाल में सुनाई देते हैं।
2. चुपके चुपके (1975) – कॉमेडी में धर्मेंद्र का बेमिसाल अंदाज़
कॉमेडी में धर्मेंद्र ने अपनी अलग जगह बनाई और ‘चुपके चुपके’ इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। फिल्म में उन्होंने एक प्रोफेसर का किरदार निभाया, जो अपने साथी दोस्तों के साथ मिलकर मज़ेदार घटनाएँ खड़ी करता है। उनके बेहतरीन टाइमिंग, मासूम भाव और सधी हुई अदाकारी ने दर्शकों को खूब हंसाया। यह फिल्म दर्शाती है कि धर्मेंद्र सिर्फ एक्शन हीरो नहीं, बल्कि बेहतरीन कॉमिक एक्टर भी थे।
3. सीता और गीता (1972) – डबल रोल और दमदार परफॉर्मेंस
हेमा मालिनी के डबल रोल वाली इस फिल्म में धर्मेंद्र ने सपोर्टिंग हीरो की भूमिका निभाई, लेकिन उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली था कि दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ गया। फिल्म में उनका स्टाइल, रोमांटिक अंदाज़ और स्क्रीन प्रेज़ेंस लाजवाब रही। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई और आज भी टीवी पर प्रसारित होने पर दर्शक उत्साह से देखते हैं।
4. धर्म वीर (1977) – दर्शकों का फुल-ऑन मनोरंजन
मनमोहन देसाई द्वारा निर्देशित ‘धर्म वीर’ ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी। धर्मेंद्र के एक्शन, भावनाओं और बड़े कैनवास पर बने दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फिल्म में मिथक, ड्रामा, संगीत और धर्मेंद्र का करिश्मा – सबकुछ दर्शकों को एक आदर्श मसाला फिल्म जैसा अनुभव देता है। यह फिल्म 70 के दशक की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है।
5. प्रतिज्ञा (1975) – एक्शन और मसाला का बेहतरीन मेल
धर्मेंद्र ने ‘प्रतिज्ञा’ में एक अनोखे अंदाज़ में एक्शन और कॉमिक स्टाइल को मिलाया। ग्रामीण पृष्ठभूमि वाली इस फिल्म में डाकुओं के खिलाफ लड़ते धर्मेंद्र ने आम इंसान के नज़रिये से संवाद और अभिनय को इस तरह प्रस्तुत किया कि वह जनता के दिल तक पहुँच गए। फिल्म ने गाँव-कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक धमाकेदार कमाई की।
निष्कर्ष
धर्मेंद्र की ये पाँच फिल्में न सिर्फ उनकी कला का प्रमाण हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि वे एक ऑल-राउंडर अभिनेता थे। एक्शन हो, रोमांस, ड्रामा या कॉमेडी—धर्मेंद्र ने हर बार अपने किरदार को इस अंदाज़ में निभाया कि दर्शक आज भी उन्हें स्क्रीन पर देखने के लिए उत्सुक रहते हैं। भारत के सिनेमा इतिहास में धर्मेंद्र की विरासत उतनी ही चमकदार है, जितनी उनकी ये कालजयी फिल्में।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।









