नई दिल्ली: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में रिंकू सिंह को मौका नहीं मिलने पर पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने सवाल उठाए हैं। जाफर का मानना है कि रिंकू सिंह की गैरमौजूदगी भारतीय टीम को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि रिंकू में मिडिल ऑर्डर और लोअर ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदलने की क्षमता है। अगर वह चौथे टी20 मुकाबले में टीम का हिस्सा होते, तो भारत के लिए नतीजा अलग हो सकता था।
बुधवार को खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी। वेस्टइंडीज ने शाई होप की नाबाद शतकीय पारी की बदौलत तीन विकेट पर 247 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 19.3 ओवर में 223 रन पर ऑलआउट हो गई। इस हार के बाद भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम और खिलाड़ियों के चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
‘नंबर पांच और छह पर कमाल की बल्लेबाजी करते हैं रिंकू’
वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर रिंकू सिंह को भारतीय टी20 टीम में जगह नहीं दिए जाने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रिंकू निचले मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने वाले बेहतरीन विकल्प हैं और इस भूमिका में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है।
जाफर के मुताबिक, बल्लेबाज के तौर पर रिंकू दूसरे विकल्पों से काफी आगे नजर आते हैं। वह पांचवें और छठे नंबर पर अच्छी बल्लेबाजी करते हैं। इसके अलावा, बाएं हाथ का बल्लेबाज होना भी उन्हें टीम के लिए उपयोगी बनाता है।
जाफर ने कहा कि केवल गेंदबाजी नहीं कर पाने के कारण रिंकू को टीम से बाहर रखना सही फैसला नहीं लगता। उन्होंने रजत पाटीदार का उदाहरण देते हुए कहा कि पाटीदार शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करते हैं, जहां टीम में जगह की कमी हो सकती है। लेकिन रिंकू जैसे फिनिशर के लिए टीम में जगह होनी चाहिए।
चौथे टी20 में भारत के लिए मैच पलट सकते थे रिंकू सिंह
वसीम जाफर का मानना है कि चौथे टी20 मुकाबले में जब भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब रिंकू सिंह निचले क्रम में अहम भूमिका निभा सकते थे। उन्होंने कहा कि अगर रिंकू उस समय क्रीज पर होते, तो मैच का परिणाम कुछ और भी हो सकता था। जाफर के अनुसार, रिंकू में दबाव की परिस्थितियों में मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता है और वह फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कई बार अपनी बल्लेबाजी से टीमों को जीत दिला चुके हैं। भारत को चौथे टी20 में 248 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन पूरी टीम 223 रन पर सिमट गई। ऐसे में जाफर की राय है कि रिंकू जैसे आक्रामक फिनिशर की मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती दे सकती थी।
पांचवें और छठे नंबर पर रिंकू सिंह के आंकड़े शानदार
रिंकू सिंह के हालिया आंकड़े भले ही बहुत प्रभावशाली नहीं रहे हों, लेकिन पांचवें और छठे नंबर पर उनका टी20 रिकॉर्ड उनकी उपयोगिता को दर्शाता है। इस साल 13 मैचों में रिंकू ने 25.33 के औसत और 139.44 के स्ट्राइक रेट से 152 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 44 रन रहा। हालांकि, जब पांचवें या छठे नंबर पर उनकी बल्लेबाजी के आंकड़ों को देखा जाता है, तो तस्वीर काफी बेहतर नजर आती है। इन दोनों स्थानों पर 22 पारियों में उन्होंने 43.15 के औसत और 156.00 के स्ट्राइक रेट से 518 रन बनाए हैं।
इन आंकड़ों के आधार पर जाफर का मानना है कि रिंकू को उनकी विशेषज्ञता वाली भूमिका में पर्याप्त मौके मिलने चाहिए। निचले क्रम में तेजी से रन बनाना और दबाव में टीम को जीत के करीब पहुंचाना उनकी प्रमुख खूबियों में शामिल है।
नमन धीर की भूमिका पर भी वसीम जाफर ने उठाए सवाल
वसीम जाफर ने भारतीय टीम में नमन धीर को शामिल किए जाने के फैसले पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने इस ऑलराउंडर से पूरे चार ओवर गेंदबाजी कराने की संभावना पर सवाल उठाए।
जाफर के अनुसार, नमन धीर को पावरप्ले के बाद गेंदबाजी करने में परेशानी हो सकती है, क्योंकि उनके पास पर्याप्त विविधता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑफ स्पिनर के लिए पावरप्ले के बाहर गेंदबाजी करना मुश्किल हो सकता है, खासकर तब जब उसके पास बल्लेबाजों को चौंकाने के लिए अलग-अलग विकल्प न हों।
जाफर का मानना है कि नमन धीर से चार ओवर गेंदबाजी कराने की उम्मीद करना बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी। ऐसे में टी20 टीम में अपनी जगह मजबूत करने के लिए उन्हें बल्ले से भी अहम योगदान देना होगा। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नमन धीर ने अपनी पिछली तीन पारियों में केवल 14 रन बनाए हैं। ऐसे में उनके प्रदर्शन और टीम में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सीरीज 2-2 से बराबर, निर्णायक मुकाबले पर नजर
चौथे टी20 में हार के बाद भारत और वेस्टइंडीज की सीरीज 2-2 से बराबर हो गई है। अब पांचवां मुकाबला सीरीज का विजेता तय करेगा। भारतीय टीम के सामने बल्लेबाजी क्रम को बेहतर बनाने और बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय दबाव संभालने की चुनौती होगी।
वसीम जाफर की टिप्पणी ने एक बार फिर टीम चयन और फिनिशर की भूमिका को लेकर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि भारतीय टीम मैनेजमेंट निर्णायक मुकाबले में रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ियों को लेकर क्या फैसला करता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








