नई दिल्ली/टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय दो दिवसीय जापान दौरे पर हैं, जहां उन्होंने भारत-जापान आर्थिक फोरम में हिस्सा लिया और अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की।
जापान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
बैठक में जापान ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। जापानी पीएम इशिबा ने कहा कि इस हमले के दोषियों, आयोजकों और वित्तपोषकों को तुरंत न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। जापान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), अलकायदा, ISIS/दाएश और उनके सहयोगियों जैसे सभी संयुक्त राष्ट्र-सूचीबद्ध आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेगा।
पीएमओ का बयान
पीएमओ द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकी वित्तपोषण चैनलों और अंतरराष्ट्रीय अपराध से गठजोड़ खत्म करने पर जोर दिया। साथ ही, सीमा पार से होने वाली आतंकवादियों की आवाजाही को रोकने का आह्वान किया। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिस पर दोनों नेताओं ने चिंता जताई।
म्यांमार पर चर्चा
भारत और जापान ने म्यांमार की स्थिति पर भी गंभीर चर्चा की। दोनों नेताओं ने हिंसा तुरंत बंद करने की अपील की और लोकतंत्र बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने म्यांमार में आपातकाल समाप्त करने और चुनाव कराने की हालिया घोषणा का स्वागत किया।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने सभी हितधारकों के बीच समावेशी संवाद और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने की आवश्यकता बताई। साथ ही हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की।
भारत-जापान की साझेदारी
बैठक में दोनों देशों ने आसियान की पांच सूत्री सहमति के प्रति समर्थन जताया और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए मिलकर काम करने का वादा किया।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।