संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत ने अपनी कूटनीतिक समझदारी से पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए कहा कि भारत को आज़ादी के बाद से आतंकवाद की चुनौती झेलनी पड़ी है, क्योंकि उसका पड़ोसी देश वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बना हुआ है।
जयशंकर का यह बयान पाकिस्तान के लिए जाल साबित हुआ। यूएन मिशन में पाकिस्तान के दूसरे सचिव मोहम्मद राशिद ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि भारत उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। इस पर भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि बिना नाम लिए भी अगर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी, तो यह सीमा पार आतंकवाद की उसकी नीति की स्वीकारोक्ति है।
भारत का पलटवार
भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन में दूसरे सचिव रेंटला श्रीनिवास ने कहा: “जिस देश का नाम नहीं लिया गया, उसने खुद प्रतिक्रिया दी। यह साबित करता है कि वह सीमा पार आतंकवाद की नीति को स्वीकार करता है।” उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान की छवि सबके सामने है। आतंकवाद के निशान इतने स्पष्ट हैं कि यह पड़ोसियों के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका है। उन्होंने टिप्पणी की कि कोई झूठ आतंकिस्तान के अपराधों को छिपा नहीं सकता।
पाकिस्तान की किरकिरी
भारत के इस बयान के बाद मोहम्मद राशिद तिलमिला गए। उन्होंने भारत पर ‘टेररिस्तान’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताई। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की गुस्से भरी प्रतिक्रिया देना खुद आरोप स्वीकार करने जैसा है।
जयशंकर का भाषण
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने भाषण में कहा:दशकों से बड़े आतंकी हमलों का संबंध एक ही देश से रहा है। संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में उस देश के नागरिकों की भरमार है। अप्रैल 2025 में पहलगाम में पर्यटकों की हत्या सीमा पार बर्बरता का उदाहरण है।भारत ने अपने लोगों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश आतंकवाद को राजनीतिक साधन बनाते हैं और आतंकियों का महिमामंडन करते हैं, उन्हें यह समझना होगा कि ऐसी नीति उनके लिए भी घातक साबित होगी।
निष्कर्ष
संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। वहीं, पाकिस्तान की जल्दबाजी में दी गई प्रतिक्रिया ने उसे आरोपों की स्वीकारोक्ति के कटघरे में खड़ा कर दिया।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








