ईरान-इजराइल तनाव चरम पर: परमाणु वैज्ञानिकों और शीर्ष अधिकारियों की मौत का दावा, हालात और गंभीर

मध्य पूर्व में Israel और Iran के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली हमलों में ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है। इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने दावा किया है कि उनकी वायुसेना के ‘स्ट्रैटेजिक स्ट्राइक’ में ईरान के कई शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। इन वैज्ञानिकों में Saeed Shamghadri का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है, जो ईरान के परमाणु अनुसंधान कार्यक्रम से जुड़े थे। नेतन्याहू का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने की क्षमता से वंचित करना है।

हाई-प्रोफाइल नेताओं को भी बनाया निशाना

रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ वैज्ञानिक ही नहीं बल्कि ईरान के राजनीतिक और सुरक्षा ढांचे के कई बड़े चेहरों को भी निशाना बनाया गया है। Ali Larijani, जो ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और पूर्व संसद अध्यक्ष रह चुके हैं, एक हमले में मारे गए। वहीं, ईरान के खुफिया मंत्री Esmail Khatib की मौत की भी पुष्टि की गई है। इसके अलावा बासिज फोर्स के प्रमुख Gholamreza Soleimani के भी मारे जाने की खबर है।

नतांज और डिमोना बने टकराव के केंद्र

तनाव के बीच इजराइल ने ईरान के प्रमुख परमाणु केंद्र Natanz पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल के Dimona शहर की ओर मिसाइलें दागीं, जहां परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है। हालांकि, इजराइल के एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। लगातार हो रहे हमलों के बीच ईरान ने अपने सुरक्षा ढांचे में बदलाव करते हुए Mohammad Bagher Zolghadr को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया प्रमुख नियुक्त किया है। उन्होंने अली लारिजानी की जगह ली है। इस बीच सोशल मीडिया पर 2020 में मारे गए वैज्ञानिक Mohsen Fakhrizadeh के पुराने वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

बढ़ता संघर्ष, वैश्विक चिंता

इजराइल और ईरान के बीच यह टकराव अब सीधे युद्ध जैसे हालात में बदलता नजर आ रहा है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव जल्द नहीं थमा, तो इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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