नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि अब वह स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देना चाहते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। धनखड़ का कार्यकाल वर्ष 2027 तक था, लेकिन उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”
उपसभापति ने संभाली राज्यसभा की कार्यवाही
धनखड़ के पद त्याग के बाद मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता उपसभापति हरिवंश ने की। आमतौर पर धनखड़ ही हर सत्र की शुरुआत में उच्च सदन की कार्यवाही का संचालन करते थे। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है।
पाकिस्तान में राजदूत से लेकर उपराष्ट्रपति तक
74 वर्षीय जगदीप धनखड़ अगस्त 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति बने थे। इससे पहले वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, राजस्थान से सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वे कई बार राज्यसभा की कार्यवाही को लेकर चर्चा में रहे।
इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारण
अपने त्यागपत्र में धनखड़ ने लिखा, “स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए, मैं तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं।”सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा था और चिकित्सकों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। अब देशभर में यह सवाल उठ रहा है कि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा, और क्या यह फैसला संसद के चालू मानसून सत्र में लिया जाएगा। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।