Jaipur के खिरणी फाटक इलाके में एलपीजी सिलेंडरों से गैस निकालकर कालाबाजारी करने का बड़ा मामला सामने आया है। शहर में पहले से ही गैस की किल्लत के बीच इस खुलासे ने उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ा दी है। जिला रसद विभाग की स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी डिलीवरी मैन को गिरफ्तार किया है, जो उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले सिलेंडरों से गैस निकालकर अवैध रिफिलिंग का धंधा चला रहा था।
कालाबाजारी का भंडाफोड़
जिला रसद अधिकारी Priyavrat Charan के नेतृत्व में टीम ने झोटवाड़ा क्षेत्र में छापा मारकर इस अवैध गतिविधि का पर्दाफाश किया। सूचना के आधार पर टीम ने खिरणी फाटक रेलवे लाइन के पास कार्रवाई की, जहां आरोपी को दो गाड़ियों की आड़ में सिलेंडरों से गैस निकालते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी ने अपनी पहचान Mahendra Singh के रूप में बताई, जो एक गैस एजेंसी का डिलीवरी मैन है। मौके से 27 सिलेंडर (14 भरे और 13 खाली) बरामद किए गए।
सिलेंडरों में मिली कम गैस
जांच के दौरान जब भरे हुए सिलेंडरों का वजन किया गया, तो उनमें मानक 14 किलो के बजाय 13.5 किलो, 12.5 किलो और 11.7 किलो गैस पाई गई। इससे साफ हुआ कि उपभोक्ताओं को कम गैस देकर ठगा जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी रोजाना इसी तरह सिलेंडरों से गैस निकालकर ब्लैक मार्केट में बेचता था। Khatipura Ganga Colony निवासी Mahendra Sharma ने भी अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें काफी इंतजार के बाद सिलेंडर मिला, लेकिन उसकी सील टूटी हुई थी। जब सिलेंडर को तौला गया तो उसमें करीब 5 किलो गैस कम निकली। उन्होंने बताया कि कई बार संपर्क करने के बावजूद डिलीवरी मैन फोन बंद कर देता था और बाद में सिलेंडर पहुंचाया।
प्रशासन की अपील
रसद विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सिलेंडर लेते समय उसका वजन जरूर जांचें और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। इस घटना ने साफ कर दिया है कि गैस की किल्लत के बीच कुछ लोग अवैध तरीके से फायदा उठाकर आम जनता को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








