नई दिल्ली।
संसद के मानसून सत्र में सोमवार को लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर जबर्दस्त बहस हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भारत ने दुनिया के सामने पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है। इस दौरान विपक्षी दलों की ओर से शोरगुल और बाधा उत्पन्न करने पर गृह मंत्री अमित शाह भी नाराज हो गए और विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
“दूसरे देश की बातों पर ज्यादा भरोसा?” — अमित शाह
लोकसभा में जैसे ही जयशंकर ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त बयान दिए, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर गृह मंत्री अमित शाह भड़क उठे। उन्होंने कहा,“क्या विपक्ष को विदेश मंत्री पर भरोसा नहीं है? क्या उन्हें दूसरे देश की बातों पर ज्यादा यकीन है? यह सदन का अपमान है।” शाह ने कांग्रेस पर इशारों में हमला करते हुए कहा, “मैं समझ सकता हूं कि उनकी पार्टी में विदेशी चीजों को कितना महत्व मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यहां भी विदेशी नजरिये थोपे जाएं। यही कारण है कि वे विपक्ष में बैठे हैं और अगले 20 साल तक वहीं बैठेंगे।”
“सच सुनने की ताकत नहीं बची” — गृह मंत्री
अमित शाह ने कहा कि जब विपक्ष के नेता बोल रहे थे, तो सत्ता पक्ष ने संयम रखा।“अब जब विदेश मंत्री देश के हित में बात कर रहे हैं, तो उन्हें क्यों परेशान किया जा रहा है? आप (स्पीकर) उन्हें समझाएं, नहीं तो हमें भी अपने सदस्यों को शांत रखना मुश्किल होगा।”उन्होंने आगे कहा कि वह मंगलवार को बताएंगे कि विपक्ष ने कितने झूठ बोले।
जयशंकर का पाकिस्तान को कड़ा संदेश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लोकसभा में बताया कि पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया।“हमारी सीमाएं लांघी गई थीं और भारत को यह स्पष्ट करना था कि इसके गंभीर परिणाम होंगे।” उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल को कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए: सिंधु जल संधि 1960 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, जब तक कि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन पूर्ण रूप से नहीं रोकेगा। अटारी एकीकृत जांच चौकी (ICP) को बंद करने का फैसला लिया गया। सार्क वीजा छूट योजना के तहत पाक नागरिकों की सुविधा समाप्त की गई। पाक उच्चायोग के रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को पर्सोना नॉन ग्रेटा घोषित किया गया। पाक उच्चायोग की कुल कर्मचारी संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी जाएगी। जयशंकर ने कहा, “भारत अब अपनी कूटनीति में निर्णायक और आत्मविश्वास से भरपूर है। ऑपरेशन सिंदूर उसका उदाहरण है।”
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर भारत की एक कूटनीतिक और सामरिक कार्रवाई है, जिसमें पाकिस्तान की सीमा पार से हो रहे आतंकवाद और घुसपैठ को रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया गया। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने न सिर्फ कूटनीतिक दबाव बनाया, बल्कि सैन्य और आर्थिक कदमों से भी पाकिस्तान को घेरने की रणनीति अपनाई।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।