जोधपुर में 9 साल से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ! फायरिंग, रंगदारी और हत्याओं से दहला मारवाड़

जोधपुर। मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक बार फिर चर्चा में है। इस गैंग की गतिविधियों का असर राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में भी लंबे समय से देखने को मिलता रहा है। जोधपुर में वर्ष 2017 से कारोबारियों को रंगदारी के लिए धमकाने और उनके प्रतिष्ठानों पर फायरिंग की घटनाओं से शुरू हुआ अपराध का सिलसिला कारोबारी वासुदेव इसरानी की हत्या तक पहुंच गया। इसके बाद भी कई मामलों में गैंग से जुड़े बताए गए बदमाशों के नाम सामने आते रहे हैं।

कारोबारी के घर पर फायरिंग से शुरू हुआ दहशत का दौर

वर्ष 2017 में जोधपुर के शास्त्रीनगर इलाके में हैंडीक्राफ्ट कारोबारी रितेश लोहिया के घर पर फायरिंग की घटना ने व्यापारिक जगत में चिंता बढ़ा दी थी। इस मामले में अनमोल बिश्नोई का नाम भी सामने आया था। आरोप था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हरेंद्र ने कारोबारी को फोन कर फिरौती मांगी थी। मांग पूरी नहीं होने पर बदमाशों ने उनके घर और कार पर गोलियां चला दीं। इस घटना के बाद शहर के कारोबारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई।

वासुदेव इसरानी हत्याकांड से दहल गया था जोधपुर

सितंबर 2017 में जोधपुर के सरदारपुरा क्षेत्र में कारोबारी वासुदेव इसरानी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच के मुताबिक, वारदात से पहले उन्हें रंगदारी के लिए धमकियां मिली थीं। 17 सितंबर को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उनके शोरूम पर फायरिंग की, जिसमें इसरानी और उनके कर्मचारी नेमीचंद घायल हो गए। बाद में इसरानी की मौत हो गई।

इस मामले में पवन सोलंकी समेत कई आरोपियों की भूमिका सामने आई थी। जांच के दौरान जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और बाहर सक्रिय उसके कथित सहयोगियों के बीच संपर्क की बात भी सामने आई। इस हत्याकांड ने जोधपुर में संगठित अपराध और रंगदारी के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

ट्रेवल्स कारोबारी से अस्पताल संचालक तक को धमकियां

जोधपुर में बाद के वर्षों में भी रंगदारी और फायरिंग की घटनाएं सामने आती रहीं। ट्रेवल्स कारोबारी मनीष जैन और अस्पताल संचालक सुनील चांडक से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले चर्चा में आए। आरोप है कि बदमाशों ने कारोबारियों को डराने के लिए उनके घरों पर गोलियां चलाईं। मनीष जैन के कार्यालय तक पहुंचकर उनकी कार में आग लगाने की घटना भी सामने आई।

लगातार सामने आई इन वारदातों ने कारोबारियों की सुरक्षा और अपराधियों के नेटवर्क पर अंकुश लगाने की चुनौती को और गंभीर बना दिया।

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की कथित साजिश का खुलासा

हाल ही में राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की कथित साजिश का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए गए कुछ आरोपियों ने उनके फार्महाउस की रेकी की थी। इस मामले में पंजाब, हरियाणा और अन्य क्षेत्रों से कई संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से फार्महाउस की तस्वीरें और रेकी से संबंधित साक्ष्य भी मिले। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका और साजिश से जुड़े तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

मारवाड़ में संगठित अपराध को लेकर बढ़ी चिंता

जोधपुर में वर्ष 2017 से सामने आई रंगदारी, फायरिंग और हत्या की घटनाएं बताती हैं कि संगठित अपराध से निपटना पुलिस और प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। कारोबारियों को धमकाने से लेकर जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाने की कथित साजिशों तक, अलग-अलग मामलों में गैंग से जुड़े लोगों के नाम सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद एक बार फिर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियां चर्चा में हैं। ऐसे में मारवाड़ में पहले हुई वारदातों और हालिया मामलों ने अपराधियों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत को फिर रेखांकित किया है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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