जयपुर। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राजस्थान एलायंस ऑफ ऑल हॉस्पिटल एसोसिएशन ने घोषणा की है कि 25 अगस्त से आरजीएचएस के अंतर्गत मिलने वाली कैशलेस उपचार सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेशभर में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
एसोसिएशन से जुड़े करीब 700 निजी अस्पताल और 4200 दवा विक्रेता इस आंदोलन में शामिल हैं। गौरतलब है कि पहले 20 अगस्त से ही कैशलेस इलाज बंद करने का ऐलान किया गया था, लेकिन अब इसे 25 अगस्त से सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
क्यों हो रहा विरोध?
एसोसिएशन का कहना है कि आरजीएचएस योजना के तहत लंबे समय से भुगतान में देरी हो रही है। इसके अलावा, कई बार बिना वजह बिलों में कटौती की जा रही है, जिससे निजी अस्पताल और दवा विक्रेता आर्थिक दबाव में आ गए हैं। बार-बार सरकार को अवगत कराने के बावजूद सुनवाई न होने से यह कदम उठाना पड़ा है।
कौन-कौन सी सेवाएं होंगी बंद?
एसोसिएशन ने साफ किया है कि 25 अगस्त से योजना के तहत मिलने वाली आईपीडी (इनडोर पेशेंट), ओपीडी (आउटडोर पेशेंट) और दवा वितरण सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।
सरकारी कर्मचारियों पर असर
इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा, जिन्हें अब इलाज के लिए कैशलेस सुविधा उपलब्ध नहीं होगी और उन्हें अपना खर्च खुद उठाना होगा।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।